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घुसपैठ की फिराक में थे 50 आतंकी, सेना ने बड़ी संख्या में लश्कर, जैश और हिजबुल के आतंकी मारे

Mon, 21 Oct 2019 04:27 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • पाक को उसी की भाषा में सेना का मुंहतोड़ जवाब, पीओके में तबाह किए चार आतंकी लॉन्च पैड
  • नीलम घाटी में बोफोर्स तोपों से ताबड़तोड़ बरसाए गोले, बालाकोट एयर स्ट्राइक के सात माह बाद पहली बड़ी कार्रवाई 
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संभाली कमान, सेना प्रमुख बिपिन रावत के लगातार संपर्क रहे
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भारतीय सेना (फाइल) - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
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भारत ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन की कायराना हरकत का उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना ने करीब दो घंटे में ही तंगधार में शहीद अपने दो जवानों की शहादत का बदला ले लिया। सेना ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ताबड़तोड़ गोले बरसाकर कर आतंकियों के तीन कैंपों को तबाह कर दिया, जबकि चौथे कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। 
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सेना की इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मारे गए हैं। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 6 से 10 फौजी भी मार गिराए हैं। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने खुद यह जानकारी दी है।

हालांकि मीडिया रिपोर्ट में 30 से 35 आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। इस साल 26 फरवरी को पीओके के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद यह सेना की पहली बड़ी कार्रवाई है। सेना ने यह कार्रवाई तब की, जब पाकिस्तान ने आतंकी घुसपैठ को अंजाम देने के लिए शनिवार रात से अचानक भारतीय पोस्टों पर गोलाबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक चलती रही।
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जवाब में सेना ने पीओके में बड़ी कार्रवाई करते हुए बोफोर्स आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया। भारतीय सेना की यह कार्रवाई तंगधार सेक्टर के ठीक दूसरी ओर पीओके स्थित नीलम घाटी में की गई। सेना ने पीओके से संचालित आतंकी अड्डों पर तोपों से बम बरसाए। वहीं, सेना ने एक बयान में कहा, सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।

सेना की इस कार्रवाई पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद कमान संभाल ली। वह इस दौरान लगातार सेना प्रमुख बिपिन रावत के संपर्क में रहे और उनसे बात कर हालात का जायजा लेते रहे। वहीं, रावत ने कहा है कि हम ऐसे किसी भी ऑपरेशन के मामले में राजनीतिक नेतृत्व को साथ लेकर चलते हैं। नेतृत्व पूरी तरह से हमारी कार्रवाई के साथ है।
 

पाक से ज्यादा बड़ा होगा हमारा पलटवार 
भारत ने पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान की कार्रवाई से ज्यादा बड़ा हमारा पलटवार होगा। आतंकी घुसपैठ के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं लेकिन हम उनका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बीते कुछ महीनों में पाक की ओर से घुसपैठ की कई घटनाएं सामने आई हैं। हमारे पास पुख्ता सूचना थी कि कुछ आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई और पाक को माकूल जवाब दिया गया। -जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख

कारगिल में पाक को धूल चटाने वाली तोपों का ही इस्तेमाल

पाक के दुस्साहस की जवाबी कार्रवाई में भारत ने 77-बी बोफोर्स और स्वदेश निर्मित बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल किया। कारगिल में भी भारत ने इन्हीं 77-बी बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल किया था और पाकिस्तान को धूल चटाई थी। बोफोर्स 40 किमी दूर तक लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है। इससे 105 एमएम के गोले, 160 एमएम और 120 एमएम के मोर्टार सीधे दागे जा सकते हैं। यह एक मिनट में दो फायर कर सकती है और लगातार दो घंटे तक गोलाबारी कर सकती है।


पाक के जिला सैन्य मुख्यालय, तोपखाने को भारी नुकसान

भारतीय सेना ने पीओके के जूरा, अथमुकम और कुंदलशाही में आतंकियों को निशाना बनाया है। ये जगहें नीलम-लीपा घाटी में हैं, जहां जैश, हिजबुल और लश्कर के आतंकी कैंप हैं। बताया जा रहा है कि नीलम घाटी में अथमुकम स्थित पाक का जिला सैन्य मुख्यालय भी भारतीय सेना की कार्रवाई की जद में आया, जिससे पाकिस्तानी रेंजरों को भारी नुकसान पहुंचा है। भारतीय सेना ने तीन जगहों को निशाना बनाया। पहला, जहां से पाक फौज गोलीबारी कर रही थी। दूसरा, आतंकियों का लॉन्च पैड, जहां से आतंकी पाक फौज की मदद से भारत में घुसपैठ की कोशिश में थे। तीसरा, पाक का तोपखाना जहां से भारतीय सीमा में मौजूद नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। सेना ने साफ किया कि यह उसकी जवाबी कार्रवाई थी। 


सर्जिकल स्ट्राइक या बालाकोट जैसी नहीं है यह कार्रवाई

हालांकि, सेना से जुडे़ सूत्रों ने यह साफ किया कि सेना की यह कार्रवाई सर्जिकल स्ट्राइक या बालाकोट जैसी नहीं है। यह जरूर है कि इससे पाकिस्तानी फौज को सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है। पीओके के प्रशासक रजा फारूक मोहम्मद हैदर ने ट्वीट कर बताया था कि मुजफ्फराबाद के नौशेरी सेक्टर और उससे सटे नीलम घाटी के जूरा सेक्टर में भारतीय सेना ने भारी तबाही मचाई।


पाकिस्तान ने भी कबूली नुकसान की बात

पाकिस्तान ने भी माना है कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पीओके में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उसने अपने मारे गए सैनिक की संख्या सिर्फ तीन बताई है। पाक सेना के मीडिया विंग डीजी इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने ट्वीट कर पहले एक जवान के मारे जाने की बात कही थी, मगर बाद में तीन फौजियों के मारे जाने की बात स्वीकारी।

आईएसपीआर ने यह भी कहा कि उसके 6 नागरिक भी मारे गए हैं। हालांकि, उसने आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई से हुए नुकसान पर चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया कि उसके फौजियों की कार्रवाई में भारत के 9 सैनिक शहीद हुए हैं। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के दावे को सिरे से खारिज किया है।

पाक ने भारतीय उच्चायुक्त को किया तलब

भारतीय सेना की इस पलटवार से पाक पाकिस्तान तिलमिला गया है। अब इमरान खान सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद हाई कमिश्नर को तलब किया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने भारतीय उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को समन किया है।


आज लद्दाख जाने वाले हैं राजनाथ और रावत

पाकिस्तान ने फायरिंग की आड़ में आतंकियों के घुसपैठ करवाने की कोशिश तब की है जब सोमवार को लद्दाख में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एक पुल का उद्घाटन करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना अध्यक्ष बिपिन रावत के सोमवार को वहां जाएंगे। राजनाथ सिंह और जनरल रावत लेह में दरबुक को चीन सीमा से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास दौलत बेग ओल्डी से जोड़ने वाली नवनिर्मित सड़क पर बने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पुल का उद्घाटन करेंगे। पुल का नाम भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सैनिक कर्नल शेवांग रिनशेन के नाम पर रखा गया है। कर्नल लद्दाख के रहने वाले थे।


घुसपैठ की फिराक में थे 50 आतंकी

भारतीय सेना को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार लॉन्च पैड पर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के लिए लॉन्च पैड को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान की ओर से इन आतंकी कैंपों में मौजूद आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की तैयारी चल रही थी। जिसका पता चलने पर सेना ने जवाबी कार्रवाई में यह हमला किया है। सूत्रों ने बताया कि इन कैंपों में 40-50 आतंकी मौजूद थे। पाक सेना इन आतंकियों को सुरक्षा दे रही थी और उन्हें राशन-पानी भी मुहैया करा रही थी।


...इसलिए किया गया तोपों का इस्तेमाल

  • आर्टिलरी गन से आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना लगाना संभव है। 
  • दुश्मन के इलाके में बिना गए कार्रवाई हो सकती है।
  • जरूरत के हिसाब से रेंज का इस्तेमाल हो सकता है।
  • पीओके में एलओसी के पार लॉन्चिंग पैड काफी नजदीक हैं। कुछ पैड 500 मीटर की दूरी पर ही हैं।

पाक की नापाक करतूत, शनिवार रात से ही घरों पर दागे मोर्टार

इससे पहले तंगधार सेक्टर में शनिवार रात से रविवार सुबह तक पाकिस्तान ने घुसपैठियों को भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश के दौरान सीजफायर उल्लंघन किया। बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान ने तंगधार सेक्टर के सीमावर्ती गांव घुदीशात के घरों पर मोर्टार दागे और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें भारत के दो सैनिक शहीद हो गए और एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। नागरिक की पहचान 55 साल के मोहम्मद सादिक के रूप में हुई है। वहीं, दो और नागरिक घायल हैं, जिनकी पहचान मोहम्मद मकबूल, मोहम्मद शफी और मोहम्मद यूसुफ हामिद के रूप में हुई है। पाकिस्तान की इस नापाक करतूत में एक मकान और एक चावल का गोदाम पूरी तरह तहस-नहस हो गया। वहीं, दो कारों एवं दो गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। दोनों गोशालाओं में 19 मवेशी और भेड़ें थीं।


मोदी ने दो दिन पहले ही दे दिए थे संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 दिन पहले 18 अक्तूबर को हिसार रैली में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दे दिया था। उन्होंने कहा था कि अब आतंकियों का इंतजार नहीं, इंतजाम किया जाएगा। पाक के खिलाफ बडे़ कदम का संकेत देते हुए पीएम ने कहा था कि यह मोदी है जो ठान लेता है करके ही रहता है।


भाजपा बोली, जरूरी थी ऐसी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारतीय सेना की तारीफ की। उन्होंने कहा, पाकिस्तान लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। कुपवाड़ा में हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, लोग मारे जा रहे हैं। यह स्ट्राइक जरूरी थी क्योंकि यहां से आतंकी भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे।


पीओके में 500 आतंकी सक्रिय

हाल ही में खबर आई थी कि पीओके में फिर आतंकी कैंप बनाए गए हैं। आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों में मौजूद 500 के करीब आतंकी एलओसी से घुसपैठ की फिराक में हैं। भारतीय सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने पाकिस्तान के नापाक इरादों की पोल खोलते हुए कहा था कि पाकिस्तान की मदद से पीओके में इस समय 200 से 300 आतंकी सक्रिय हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि जितने भी आतंकी हो, सेना उनका पूरी तरह खात्मा करने में सक्षम है।

इस साल अब तक 2,300 से ज्यादा सीजफायर उल्लंघन

पाकिस्तान इस साल अक्तूबर तक 2,300 से ज्यादा बार सीजफायर उल्लंघन कर चुका है, जिसमें अब तक 21 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, 2018 में इसने 1,629 सीजफायर उल्लंघन किया था।


बालाकोट एयर स्ट्राइक से लिया था पुलवामा के शहीदों का बदला

पाक के आतंकी संगठनों ने इस साल 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के 46 जवान शहीद हुए थे। इस हमले का जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पीओके के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकी लॉन्च पैड तबाह किए थे। इसमें करीब जैश समेत 350 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था।


28-29 सितंबर की दरम्यानी रात हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक

18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के शिविर पर उस वक्त हमला किया था, जब जवान सो रहे थे। इसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने पाक को सबक सिखाने की योजना बनाई और 28-29 सितंबर की दरम्यानी रात 150 कमांडो की मदद से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। ये पहला मौका था जब आतंकियों के खिलाफ एलओसी पार कर सेना ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना के जवान पीओके में तीन किमी अंदर घुसे और आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर डाला। देखते ही देखते 38 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पाकिस्तानी सेना के 2 जवान भी मारे गए।
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कांग्रेस बोली, चुनाव आते ही ऐसी कार्रवाई

बिहार की राजधानी पटना स्थित कांग्रेस के कार्यालय सदाकत आश्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने सेना की इस कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, मोदी की सरकार में जब भी किसी बडे़ राज्य में चुनाव होते हैं तो इस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक सामने आती है।

अब असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति होगी। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केटीएस तुलसी ने आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा, भारतीय सेना ने आतंकियों पर बम बरसाकर काफी अच्छा काम किया है। आतंकवादियों के द्वारा भारत में घुसपैठ करने वाले रास्ते को सुरक्षाबलों ने पता लगा लिया है और एलओसी से उनको देखा जा सकता है।
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