जम्मू संभाग में सर्वशिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत नियुक्त किए आरईटी शिक्षक करीब दस महीने से वेतन को तरस रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण आरईटी शिक्षकों की आर्थिक परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं।
इसके लिए कई बार आरईटी शिक्षकों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन भी किए, लेकिन सरकार की तरफ से राशि नहीं जारी हुई है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से 1381 करोड़ की राशि जारी करनी है।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत जम्मू संभाग के दूरदराज ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों की संख्या में आरईटी शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन शिक्षकों को वेतन केंद्र और राज्य सरकार मिल कर देती है। इनके वेतन में 65 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार का होता है और 35 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। इन दोनों के हिस्से को मिलाकर आरईटी शिक्षकों को पूरे राज्य में वेतन मिलता है।
राज्य सरकार ने अपने वेतन का ज्यादातर हिस्सा शिक्षा विभाग को दे दिया है, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से करीब 20 प्रतिशत हिस्सा ही मिल पाया है। इसी कारण राजोरी, पुंछ, भद्रवाह, डोडा, किश्तवाड़, जम्मू और अन्य कई जिलों में आईटी शिक्षकों को महीनों से वेतन नहीं मिला है।
किसी जिले में दस महीने का वेतन बाकी है तो किसी जिले में पांच महीने का, तो कहीं तीन महीने का वेतन देना बाकी है। वेतन न मिलने के कारण आरईटी शिक्षक आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। कई शिक्षकों के सिर पर तो हजारों रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। इसी मांग को लेकर कई बार आरईटी शिक्षकों से सड़कों पर उतर कर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है, लेकिन अभी तक समस्या को हल नहीं हो पाई है।
आरए इंकलाबी, डायरेक्टर आफ स्कूल एजूकेशन जम्मू ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से आरईटी शिक्षकों का 1695 करोड़ वेतन दिया जाना था, इसमें अभी तक 314 करोड़ की मिल सके हैं।
अभी 1381 करोड़ की राशि मिलना बाकी है। इसी कारण जम्मू संभाग में अभी तक आरईटी शिक्षकों को लंबे समय से वेतन नहीं दिया जा सका है। जो राशि मिली थी, उससे शिक्षकों कुछ महीने का वेतन दिया जा चुका है।