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कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पारित

Thu, 19 Jan 2017 07:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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विधासभा में उमर अब्दुल्ला ने लाया प्रस्ताव - फोटो : AMAR UJALA
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कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घर वापसी का प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रस्ताव पर पूरे सदन ने मेज थपा थपाकर प्रस्ताव को पारित किया। 
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विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही उमर ने प्रस्ताव रखा कि कश्मीरी पंडितों सहित सभी विस्थापितों की घाटी वापसी का सदन से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। इसमें दलों तथा राजनीतिक विचारधारा को तरजीह नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 27 साल पहले कश्मीर में ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण हालात पैदा हुए जिनके चलते कश्मीरी पंडित परिवारों, सिख तथा कुछ मुस्लिम परिवारों को घाटी छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा।
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आज 27 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में सभी को पार्टी तथा राजनीतिक सीमाओं से उठकर उनकी घाटी में वापसी के लिए प्रस्ताव पास करना चाहिए। प्रश्नकाल समाप्त होने पर संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने प्रस्ताव को सदन में लाने की अनुमति दी। इसके बाद स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने सदन में यह प्रस्ताव रखा जिसे सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। 
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सभी दलों ने किया प्रस्ताव का स्वागत

विधानसभा में बोलते विधायक सत शर्मा - फोटो : AMAR UJALA
प्रस्ताव पारित किए जाने का नेकां, कांग्रेस, भाजपा, पीडीपी ने स्वागत किया गया है। सभी राजनीतिक दलों का मानना है कि इस नई पहल से घाटी में कश्मीरी पंडितों की ससम्मान वापसी के लिए माहौल तैयार होने का रास्ता साफ होगा। नेकां के देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सदन में बहुत बड़ा फैसला हुआ है। इससे कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को बल मिलेगा।

भाजपा के सत शर्मा ने कहा कि पार्टी शुरू से ही पंडितों की घर वापसी के प्रति प्रयासरत है। सदन से प्रस्ताव पारित होने से इसे और बल मिलेगा। कांग्रेस नेता रवींद्र शर्मा ने कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पास कर अच्छा कदम उठाया गया है।  
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