आरएस पुरा सेक्टर में हुई गोलीबारी से अन्य सीमांत क्षेत्रों में भी दहशत बढ़ गई है। इतना ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों में बीएसएफ ने अलर्ट जारी कर दिया है।
ग्रामीणों को तार के पास आने से रोकने के लिए गांवों के नंबरदारों को भी हिदायत दी गई है। इसके साथ ही डीच से पीछे रहकर ही मवेशी आदि चराने को कहा गया है।
ग्रामीणों में दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अब तैयारी कर ली है कि अगर पाक द्वारा अन्य किसी सेक्टर में युद्ध विराम का उल्लंघन किया जाता है तो वह स्वयं ही गांव छोड़ देंगे।
'गोला नाम पूछकर नहीं गिरता'
पंचायत लौंडी के एक्स सर्विसमैन साधु सिंह और नंबरदार अंग्रेज सिंह ने कहा कि गत दिवस ही बीएसएफ ने उन्हें आगाह किया कि ग्रामीण डीच से पीछे रहकर ही मवेशियों को चराएं। ऐसे में डीच के आगे की भूमि पर जाने के लिए अब पाबंदी लगा दी गई है।
सरकार ने अन्य गांवों को सुरक्षित रखने के लिए कोई भी पहल नहीं की है। सरकार का बयान कि सेना जवाब देने के लिए सक्षम है, लोगों को दहशत से नहीं निकाल सकता है। गोला नाम पूछकर नहीं गिरता है और न ही गोली किसी का नाम पूछती है।
'जैसे अब अंतिम सांसें गिन रहे हों'
लौंडी गांव के जरनैल सिंह ने कहा कि लोग सीमा पर फायरिंग से इस तरह दहशतजदा हैं कि जैसे अब अंतिम सांसें गिन रहे हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तो बस समय निकाल रहे हैं। अगर एक भी गोली चली तो गांव खाली कर दिया जाएगा।
इसके लिए नंबरदार और लंबरदार को बीएसएफ द्वारा आदेश दे दिया गया है। वहीं किसान रछपाल सिंह और रामपाल ने कहा कि फायरिंग का खौफ अब दिलों में बस गया है। हालात बहुत ही खराब हो चुके हैं।
बस इतनी ही उम्मीद है कि बीएसएफ समय पर आगाह कर दे ताकि कोई जानी या फिर माली नुकसान होने से बच जाए। प्रशासन से तो उम्मीद ही नहीं है। अब तक कोई भी अधिकारी सीमांत क्षेत्रों का रुख देखने के लिए नहीं आया है।