रियासती सरकार की नई भर्ती नीति लागू होने के बाद दूरदराज इलाकों में डाक्टरों, लेक्चरर और टीचरों की कमी दूर हो सकेगी। शिक्षा मंत्री नईम अख्तर का कहना है कि तीन क्षेत्रों में मुलाजिमों की कमी है, जो दूरदराज क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। स्थानीय लोगों को अवसर मिलने से असिस्टेंट सर्जन, प्लस टू लेक्चरर और हाई स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद भरे जा सकेंगे। इनकी नियुक्ति का अधिकार जिला स्तर पर डीसी को होगा और इसे मेरिट के आधार पर पूरा किया जाएगा।
इसके लिए फास्ट ट्रैक प्रोसेस अपनाया जाएगा। कांट्रैक्चुअल आधार पर भर्ती के मामलों पर विचार करने के लिए वित्त विभाग में एक अधिकार प्राप्त समिति (इम्पावरड कमेटी) बनाई जाएगी। समिति कांट्रैक्चुअल मुलाजिमों को नियमित करने की सिफारिशें करेगी। मंत्री ने कहा कि जेएंडके सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल) और जेएंडके एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज का चयन पूर्व की तरह जेएंडके पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा ही किया जाएगा।
कैबिनेट ने जेल विभाग और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के नान गजटेड स्टाफ की ‘राशन मनी’ बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इन कर्मचारियों को अब प्रत्येक माह 600 की जगह एक हजार रुपये मिलेंगे। नया आदेश एक अप्रैल 2015 से लागू होगा। उधमपुर में बनने वाले गवर्नमेंट पालीटेक्निक कालेज को सरकारी जमीन देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। जगानू गांव में बनने वाले कालेज के लिए 61 कनाल 15 मरला जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग को स्थानांतरित की जाएगी।
आईएएस और केएएस अफसरों को पदोन्नति
कैबिनेट ने आईएएस अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड पर पदोन्नत करने को मंजूरी दे दी। यह एक जनवरी 2015 से प्रभावी होगी। इनमें सौरभ भगत, मोहम्मद यूनुस डार, हेमंत कुमार शर्मा, हिलाल अहमद पार्रे, किफायत हुसैन रिजवी, दिलशाद खान, बशरत सलीम, सेरिंग अंगचोक, शफीक अहमद रैना और सज्जाद अहमद खान शामिल हैं। प्रसन्ना रंगास्वामी, नीरज कुमार और कुमार राजीव रंजन को सीनियर टाइम स्केल देने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी।
कैबिनेट ने 171 केएएस अफसरों को भी सेलेक्शन ग्रेड देने को मंजूरी दे दी। श्याम सुंदर गुप्ता, पवन कुमार, भारत सिंह, मंसूर असलम चौधरी को केएएस टाइम स्केल प्रदान किया। इसके अलावा टैक्सेशन विभाग के रिटायर्ड अफसर नरेश कुमार चौधरी, अब्दुल क्यूम अहेंगर को भी टाइम स्केल दिया गया।