- गुप्त गंगा में आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर किया रुद्राभिषेक
- छोटी काशी पुरमंडल में परिवार की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। मौनी अमावस्या पर उत्तरवाहिनी स्थित गुप्त गंगा घाट पर श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना की। तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने गुप्त गंगा में स्नान कर भगवान शिव की आराधना की और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। पितृ तर्पण किया।
स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। पुरमंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों में वर्णित है कि गुप्त गंगा का जल सीधे गंगा नदी से जुड़ा माना जाता है। इसी कारण पुरमंडल को ‘छोटी काशी’ के नाम से जाना जाता है। हर अमावस्या को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पांच से अधिक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने लंगर लगाए। उत्तरवाहिनी और पुरमंडल में पंडितों से विधि-पूर्वक पितृ पूजन भी करवाया। इसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अमावस्या के मेले को देखते हुए ऐतिहासिक स्थलों पुरमंडल और उत्तरवाहिनी में व्यापारिक गतिविधियां भी तेज रहीं। दूर-दराज से आए व्यापारियों ने स्थानीय उत्पादों, खाने-पीने की वस्तुओं, बच्चों के खिलौनों और कपड़ों के स्टॉल लगाए, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर महीने लगने वाले इस मेले से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अमावस्या के अवसर पर नियमित रूप से मेले व प्रदर्शनी को बढ़ावा दिया जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।
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अमावस्या पर हर माह स्वास्थ्य
जांच शिविर लगाने की मांग
पुरमंडल। अमावस्या पर पुरमंडल और उत्तरवाहिनी ऐतिहासिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से यहां विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ऐतिहासिक स्थलों पर प्राइमरी हेल्थ सेंटर तो हैं लेकिन मंदिरों व घाटों के आसपास अमावस्या के दिन भीड़ रहती है। ऐसे में मेडिकल कैंप लगाने और अतिरिक्त एंबुलेंस सुविधा की जरूरत है। स्थानीय पूर्व सरपंच जोगिंदर शर्मा, रोहित गोस्वामी, गोविंद राम शर्मा और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शाम लाल शर्मा सहित अन्य लोगों ने डीसी आयुषी सूदन व मुख्य चिकित्सा अधिकारी सांबा से मांग की कि अमावस्या पर हर महीने स्वास्थ्य जांच शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। संवाद