-दिनभर निर्जल रहकर भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की
सांबा। संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सांबा में डोगरा समाज की महिलाओं ने श्री गणेश संकष्ट चतुर्थी पर भुग्गा व्रत पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ रखा। महिलाओं ने दिनभर निर्जल रहकर भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की। कई महिलाओं ने संकष्ट चतुर्थी का उद्यापन और मोख किया। नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए और परिवार की खुशहाली की कामना की।
रात्रि में चंद्रोदय के बाद व्रतधारी महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य दिया और बच्चों के नाम का भुग्गा निकालकर अलग रखा। इसके साथ मूली और गन्ना भी रखा गया जिसे बाद में कुल पुरोहितों और कन्याओं को वितरित किया गया। इसके पश्चात महिलाओं ने व्रत खोला। निर्जल रखा जाने वाला यह व्रत काफी कठिन माना जाता है। व्रत रखने वाली महिलाओं का विश्वास है कि प्रभु कृपा से हर कठिनाई सहज हो जाती है और संतान व परिवार की रक्षा स्वयं भगवान गणेश करते हैं। संवाद