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Jammu News: नहाय खाय के साथ कल से होगी छठ पूजा की शुरुआत

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- बच्चों के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए महिलाएं रखेंगी 36 घंटे का उपवास
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। सूर्य उपासना के महापर्व छठ की शुरुआत 25 अक्तूबर को नहाय खाय से होगी और 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होगी। भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित महापर्व छठ हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। इस दौरान महिलाएं बच्चों के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए 36 घंटे उपवास करती हैं। उत्सव के लिए शहर में तमाम जगहों पर वीरवार दिनभर महिलाएं तैयारियों में जुटी रहीं। बाड़ी ब्राह्मणा छठ पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर सिडको पार्क में कृत्रिम झील बनाने की विशेष तैयारियां चल रही हैं। पार्क में रोशनी और साफ-सफाई व दवा का छिड़काव किया जा रहा है। कृतिम झील बनाने व छठ घाट को सजाने का काम शुक्रवार से शुरू होगा। जम्मू-कश्मीर बिहार सेवा समिति के अध्यक्ष संजय कुमार पुद्दार ने कहा कि शहर के डिग्याना में रणवीर नहर की साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। पीरखो में छठ पूजा के अध्यक्ष व वार्ड-3 के पूर्व पार्षद नरोत्तम शर्मा ने बताया कि छठ पूजा के लिए घाट तैयार करने काम तेजी किया जा रहा है।

पहले दिन नहाय-खाय : नहाय-खाय शनिवार को होगा। इस दिन श्रद्धालु नदी में स्नान कर नए वस्त्र धारण कर शाकाहारी भोजन ग्रहण करेंगे। इस दिन व्रती के भोजन ग्रहण करने के बाद ही घर के बाकी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं।
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दूसरे दिन खरना : खरना छठ पूजा के दूसरे दिन रविवार को होगा। इस दिन व्रती एक समय मीठा भोजन करते हैं। गुड़ से बनी चावल की खीर खाई जाती है। इसके उपरांत 36 घंटे का निर्जला व्रत की शुरुआत होती है।

तीसरा दिन सूर्य षष्ठी : यह सोमवार को पड़ेगा। इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। विधिवत पूजा की जाती है। रात में छठी मैया के मंगल गीतों का गायन किया जाता है और व्रत की कथा सुनी जाती है। अर्घ्य के लिए ठेकुआ, चावल के लड्डू जैसी कई मिठाइयां बनाई जाती हैं। मिठाइयों और फलों को रखकर टोकरी या सूप में सजाया जाता है फिर उसे घाट पर ले जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य : छठ पूजा का आखिरी दिन होता है, इस दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय से पहले नदी-तालाबों के घाटों पर पहुंचतीं हैं और उगते हुए सूर्य को कच्चे दूध में गंगा जल मिलाकर अर्घ्य देती हैं। इस दिन व्रत का पारण होता है, इसके साथ ही छठ पूजा का समापन होता है।
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इनसेट
छठ पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य राजिंदर शास्त्री के अनुसार हर साल छठ पूजा दिवाली से छह दिन बाद की जाती है, इस वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 27 अक्टूबर दिन सोमवार को सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक विद्यमान है और उस दिन का सूर्यास्त जम्मू के अनुसार 05:41 बजे तक विद्यमान है इसके अंतराल में षष्ठी तिथि व्याप्त रहेगी। ऐसे में सोमवार के दिन ही संध्याकाल का अर्घ्य दिया जाएगा।
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