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Jammu News: अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ में निकली रथयात्रा, पनुन कश्मीर का लिया संकल्प

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प्रवासी शिविर जगती में आयोजित अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ में मौजूद साधु-संत एवं कश्मीरी पंडित। स्र
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- प्रवासी शिविर जगती में चल रहे अष्टभैरव महायज्ञ में शामिल हो रहे सैकड़ों कश्मीरी पंडित
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- यूथ फॉर पनुन कश्मीर द्वारा आयोजित महायज्ञ भक्ति गीतों पर खूब झूमे प्रवासी कश्मीरी
- युवा घाटी में अपने लिए अलग होमलैंड की कर रहे हैं मांग, समर्थन के लिए हस्ताक्षर अभियान

जम्मू। प्रवासी शिविर जगती में चल रहे पांच दिवसीय अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को कश्मीरी पंडितों ने भव्य रथयात्रा निकाली। रथ पर अपने अराध्य देवी-देवताओं को सवार किए पंडितों ने पूरे जगती क्षेत्र की परिक्रमा की। इस दौरान भक्ति गीतों पर लोग खूब झूमे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देर शाम तक हवन कुंड में आहुति पड़ती रही। जगती क्षेत्र देवी की भक्ति में डूबा रहा।
‘यूथ फॉर पनुन कश्मीर’ द्वारा 16 जनवरी से आयोजित अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ में रविवार को सुबह हवन-पूजन के बाद दोपहर में बाहर से आए आध्यात्मिक गुरुओं ने कश्मीरी पंडितों को संबोधित किया। सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले, अर्जुन संपत, स्वामी कुमार, साध्वी शिवानी दुर्गा, यती मां चेतनानंद सरस्वती, रामदास महाराज, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती के साथ ही सनातन संस्था एवं हिंदू जनजागृति समिति के रमेश शिंदे ने 36 साल के संघर्ष पर चर्चा की।
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रमेश शिंदे ने कहा कि हिंदु समुदाय कश्मीरी हिंदुओं के साथ हर कदम पर साथ है। उनके संघर्ष में हर मोर्चे पर खड़ा है और खड़ा रहेगा। कहा कि मुंबई में पहली बार लगे पनुन कश्मीर के कार्यशाला में जाने पर उन्हें यहां के दर्द के बारे में पता चला। चित्राें और वीडियो के द्वारा जाना कि किस तरह उन्हें जबरन अपनी ही मातृभूमि से विस्थापित होना पड़ा। बोले, विशेषकर महिलाओं के साथ हुआ जुल्म अकल्पनीय और असहनीय है।
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आज मनाएंगे निष्कासन दिवस
महाअभियान आह्वान के क्रम में यूथ फॉर पनुन कश्मीर के बैनर तले 19 जनवरी को कश्मीरी पंडित ‘निष्कासन दिवस’ मनाएंगे। कश्मीरी पंडितों के मुुताबिक जनवरी 1990 में घाटी के हालात इस कदर बिगड़ गए कि रातों रात घर-परिवार छोड़कर जम्मू समेत देश के विभिन्न हिस्सों में शरणार्थी बन गए। जेहादियों ने पंडितों का व्यापक स्तर पर नरसंहार किया। कश्मीरी पंडित हर साल 19 जनवरी को निर्वासन दिवस मनाते हुए अपने साथ हुए अत्याचार की तरफ अपने हक की तरफ देश दुनिया का ध्यान दिलाते हैं। इसी क्रम में सोमवार को निष्कासन दिवस मनाते हुए गुजरे हुए अमानवीय दिनों को याद कर भविष्य की सुरक्षात्मक रणनीति पर चर्चा करेंगे।
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प्रवासी शिविर जगती में आयोजित अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ में मौजूद साधु-संत एवं कश्मीरी पंडित। स्र

प्रवासी शिविर जगती में आयोजित अष्टभैरव जगदंबा महायज्ञ में मौजूद साधु-संत एवं कश्मीरी पंडित। स्र

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