जम्मू। अच्छाई की बुराई पर जीत के प्रतीक का पर्व दशहरे पर इस बार मंदिरों के शहर में दशानन का दहन नहीं किया गया। 50 वर्ष में यह पहला मौका होगा जब दशहरा पर दशानद का दहन नहीं किया गया हो। पर्व पर सामूहिक कार्यक्रम नहीं करवाए गए। गांव से लकर शहर में इस वर्ष त्योहारों पर कोरोना महामारी का काफी असर पड़ा है। उत्सव के दौरान हजारों लोगों की भीड़ से खचाखच भरे रहने वाले परेड और गांधीनगर मैदान भी इस बार सुनसान दिखे।
हर वर्ष दशहरे पर इन मैदानों में मेले जैसा माहौल रहता था। लोग परिवार के साथ उत्सव पर इकट्ठा होते थे। इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण उत्सव फीका रहा। शहर के आसपास गांवों में भी दशहरे पर कार्यक्रम नहीं हुए। गांधीनगर मैदान में दशहरा कार्यक्रम का आयोजन करने वाले श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस बार कार्यक्रम नहीं करवाया गया।
सैनिक कॉलोनी में जलाया
मास्क पहने रावण का पुतला
जम्मू। सैनिक कॉलोनी के सेक्टर-डी में दशहरा पर मास्क पहने रावण के पुतले का दहन किया गया। यूपी के रहने वाले ओमप्रकाश और सागर ने पुतला तैयार किया था। ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब से देखकर पुतला तैयार किया, इस पर 400 रुपये खर्च आया। रविवार छह बजे पुतले का दहन किया गया। पुतले को मास्क भी पहनाया गया था, ताकि लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क पहनने को जागरूक किया जा सके।