श्रीनगर। कमरवारी इलाके में पुल के निर्माण में बाधा बन रही 40 वर्ष पुरानी मस्जिद हटाने में बनी सहमति से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। उनके अनुसार पुल बनने से लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
स्थानीय नागरिक बाबर शगु ने कहा कि जब पुल निर्माण शुरू हुआ था तब मस्जिद आड़े आ रही थी। इसे हटाने का प्लान बनाया गया था लेकिन उस समय प्रशासन की ओर से नई मस्जिद के निर्माण के लिए जो पैसा दिया गया था वो उचित नहीं था। इसलिए मस्जिद कमेटी इसे हटाने पर सहमत नहीं थी। अब प्रशासन के आश्वासन के बाद आपसी सहमति से कमेटी और लोग इसे हटाने पर राजी हुए हैं। शगु ने कहा कि हमें खुशी है कि हम इंसानियत के लिए कुछ योगदान दे रहे हैं। इस पुल के बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी। वहीं एक अन्य स्थानीय निवासी मकबूल ने कहा कि हम अगर किसी के काम आ सकें तो उससे बड़ी इबादत कोई नहीं है। पुल बनने से आम लोगों की कई मुश्किलें कम हो जाएंगी।
कमरवारी में बनेगा 166 मी. लंबा पुल
श्रीनगर के जिला उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि श्रीनगर में करीब 60 प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण न होने के चलते अधूरे पड़े हैं। उनमें से एक श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर स्थित गुरुद्वारा भी था, जिसका मामला कुछ दिन पहले सुलझाया गया है। अब पुल निर्माण में आड़े आ रही मस्जिद का मामला भी सुलझ गया है। उन्होंने कहा कि इस पुल का काम 2002 में शुरू हुआ था लेकिन बीच में ही रोक दिया गया था। चौधरी के अनुसार 166 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण से नूरबाग और कमरवारी के लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा।