पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ में कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से मिली राहत राशि का कृषि विभाग को अब तक एक पैसा भी जारी नहीं हुआ है।
सूत्रों के अनुसार पांच सितंबर 2014 को दिल्ली कृषि भवन से कृषि मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राज्य को 75.25 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2014-2015 के लिए इस योजना की पहली किश्त में यह राशि जारी की गई।
नार्मल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 16.25 करोड़, अर्बन क्लस्टर में सब्जियों के लिए 3 करोड़, प्रोटीन सपलीमेंट के नेशनल मिशन में 6 करोड़ और केसर मिशन में 50 करोड़ रुपए जारी किए गए। 150 करोड़ मंजूर किए गए हैं, इसमें 75.25 करोड़ जारी हुए। बावजूद इसके विभाग किसानों को इन योजना के तहत किया गया पैसा जारी नहीं कर रहा है।
बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के कृषि सेक्टर को हुआ था। इसमें हार्टीकल्चर मुख्य रूप से शामिल है। कोई राहत नहीं मिलने से कृषि योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। कृषि विभाग के आयुक्त सचिव ने बताया कि विभाग के पास नई योजनाएं शुरू करने तक के लिए बजट नहीं है।
विभाग के आयुक्त सचिव असगर सामून ने बताया कि बाढ़ से कृषि सेक्टर को चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। 1500 करोड़ अकेले हार्टीकल्चर सेक्टर को नुकसान हुआ। कश्मीर में सेब सहित कई अन्य फसलें तबाह हो गईं।
पहाड़ी इलाकों में भी फसलें तबाह हुईं। केंद्र की ओर से राज्य को राहत के लिए जो राशि मिली, उसमें से कृषि विभाग को कुछ भी नहीं मिला। राज्य सरकार के पास भी वित्तीय संकट के चलते फंड नहीं है। इससे योजनाओं को चलाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।