श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुताबिक इंजीनियर मार्ग को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। दो दिन के अंदर ट्रैक का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद खाली बैटरी कार चलाकर ट्रायल लिया जाएगा। श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सभी मापदंड पूरे किए जाएंगे। मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद बुधवार तक बैटरी कार सेवा बहाल होगी। सात सितंबर की रात से बैटरी कार सेवा बंद होने से श्रद्धालुओं को परेशानी जरूर हो रही है लेकिन पारंपरिक पुराना मार्ग (वाया अर्धकुंवारी और सांझीछत) पूरी तरह से चालू है। सभी श्रद्धालु इसी पुराने रास्ते से सुरक्षित भवन की ओर जा रहे हैं। श्रद्धालु बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या कटड़ा पहुंचकर उनके हेल्पलाइन काउंटर से सीधा लाइव अपडेट ले सकते हैं।
रोजाना 1750 तीर्थयात्री उठाते हैं सेवा का लाभ
श्राइन बोर्ड के मुताबिक अर्धकुंवारी से भवन मार्ग पर वर्तमान में करीब 25 बैटरी कारें (इलेक्ट्रिक वाहन) चलती हैं। रोजाना करीब 1,750 तीर्थयात्री इस सेवा का लाभ उठाते हैं। एक बैटरी कार में करीब सात यात्री सफर करते हैं। अर्धकुंवारी से भवन (चढ़ाई) तक का किराया 450 जबकि भवन से अर्धकुंवारी (उतरते समय) का किराया 300 रुपये प्रति व्यक्ति है।
1.50 करोड़ रिफंड किए जाने की संभावना
एक अनुमान के मुताबिक बैटरी कार सेवा बंद होने से प्रतिदिन करीब 1,750 श्रद्धालु और आठ दिन में लगभग 14,000 तीर्थयात्रियों को आने-जाने का अब तक 1.50 करोड़ रुपये रिफंड किए जाने की संभावना है।