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जम्मू-कश्मीरः बाहरी राज्यों से आए प्रदेश के दस हजार मजदूरों ने कराया पंजीकरण

Wed, 15 Jul 2020 01:12 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अनिल कुमार
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बाहरी राज्यों में मजदूरी व अन्य कौशल कार्य करने वाले प्रदेश के श्रमिक जम्मू-कश्मीर वापस लौटे हैं। इन श्रमिकों को उनके कौशल के हिसाब से गृह जिलों में ही रोजगार देने के लिए श्रम विभाग ने 17 जून से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी।

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इस प्रक्रिया में दस हजार 547 श्रमिकों ने अपना पंजीकरण करवाया है। अब श्रम विभाग इन श्रमिकों का डाटा संबंधित अधिकारियों को भेजेगा, ताकि इनको जिले में चल रहे विकास कार्यों में रोजगार मिल सके।

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श्रम विभाग प्रदेश के श्रमिकों को आर्थिक मदद देने के साथ उनको रोजगार भी मुहैया करवा रहा है। बाहरी राज्यों से लौटे प्रदेश के श्रमिकों को उनके गृह जिलों में रोजगार देने के प्रयास चल रहे हैं। अब तक जिन श्रमिकों ने पंजीकरण करवाया उनका डाटा संबंधित अधिकारियों को भेजा है। वहीं ग्रामीण विकास विभाग की मदद से इन श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि इन श्रमिकों को मनरेगा सहित अन्य सरकारी योजनाओं में रोजगार दिया जा सके।

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मनरेगा श्रमिकों को बीओडब्ल्यूडब्ल्यूसी से जोड़ने की तैयारी

मनरेगा कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूूसी) से जोड़ने की योजना चल रही है। प्रदेश में मनरेगा से सात लाख श्रमिक जुड़े हैं। ऐसे में इन श्रमिकों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से जोड़ने के लिए श्रम विभाग ने श्रमिक पंजीकरण के नियमों को सरल किया है।

श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकरण करने के लिए पहले श्रमिकों को 90 दिनों के काम का प्रमाण पत्र बीडीओ या संबंधित कंपनी से लाना पड़ता था, जिसमें श्रमिकों को काफी परेशानी आती थी। विभाग ने इसे सरल बनाते हुए अब बीडीसी चेयरमैन और सरपंच से लाए काम के प्रमाण पत्र को भी वैध माना है। इस फैसले से काफी संख्या में मनेगरा श्रमिक भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड से जुड़ सकेंगे।
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