मनरेगा कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूूसी) से जोड़ने की योजना चल रही है। प्रदेश में मनरेगा से सात लाख श्रमिक जुड़े हैं। ऐसे में इन श्रमिकों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से जोड़ने के लिए श्रम विभाग ने श्रमिक पंजीकरण के नियमों को सरल किया है।
श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकरण करने के लिए पहले श्रमिकों को 90 दिनों के काम का प्रमाण पत्र बीडीओ या संबंधित कंपनी से लाना पड़ता था, जिसमें श्रमिकों को काफी परेशानी आती थी। विभाग ने इसे सरल बनाते हुए अब बीडीसी चेयरमैन और सरपंच से लाए काम के प्रमाण पत्र को भी वैध माना है। इस फैसले से काफी संख्या में मनेगरा श्रमिक भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड से जुड़ सकेंगे।