पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाले पैकेज का इंतजार रिफ्यूजियों को खत्म होता नजर आ रहा है। रिफ्यूजियों का प्रतिनिधित्व करने वालों का कहना है कि उनको पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा कर देंगे।
रिफ्यूजियों की संस्थाओं के पदाधिकारियों ने प्रचार शुरू किया दिया है कि उनका प्रयास कामयाब होगा। राज्य में हजारों पीओके और वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी हैं। ये आजादी के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं।
केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक इनको पुनर्वास के लिए किसी तरह की मदद नहीं की गई है। वर्ष 2000 में केंद्र सरकार ने इनके पुनर्वास के लिए पैकेज को मंजूर किया, लेकिन यह विवाद के कारण मिल नहीं पाया।
पुनर्वास के लिए पैकेज की मांग को लेकर रिफ्यूजियों ने प्रयास शुरू कर दिया। इसी प्रयास में रिफ्यूजियों ने कई संस्थाएं बनाकर अपने अपने स्तर पर आवाज को बुलंद करना शुरू कर दिया।
पीओके रिफ्यूजी जहां पैकेज के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो वहीं वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी राज्य की स्थायी नागरिकता के लिए स्टेट सब्जेक्ट समेत अन्य अधिकार मांग कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने भी रिफ्यूजियों के पैकेज की मांग को लगभग पूरा कर दिया है। वहीं रिफ्यूजियों का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारियों ने पैकेज के एलान को लेकर प्रचार शुरू कर दिया है।