अखनूर। एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से पीएचई अखनूर डिवीजन के कार्यालय मे छापा मारने के अगले दिन वीरवार को कार्यालय में कर्मचारी पुराने रिकॉर्ड को ठीक करने में लगे रहे। वहीं दूसरे दिन भी एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से छापेमारी की आशंका बनी रही। इस पर विभिन्न संगठनों ने मांग की कि पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली सही न होने का खमियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है। सरकार मामले की पूरी जांच करे। बता दें, बुधवार को छापे में एंटी करप्शन ब्यूरो चार साल का रिकॉर्ड साथ ले गई है।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन कुमार ने बताया कि अखनूर डिवीजन पीएचई विभाग क्षेत्र के लोगों को पेयजल मुहैया करवाने में हमेशा ही नाकाम रहा है। इस पर मात्र कागजों में ही कई योजनाएं बनाई जाती हैं। जबकि हकीकत में लोगों को गर्मी में पानी के लिए दरदर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ता है। इस पर सरकार को चाहिए कि पिछले कुछ सालों में विभाग की तरफ से करवाए गए कार्य पूरी जांच करनी चाहिए। ग्रामीण राज कुमार ने बताया कि क्षेत्र में मात्र योजनाएं ही बनी लेकिन कंडी क्षेत्र में कई गांवों के लोग अब भी पानी से वंचित हैं।