यौन उत्पीड़न मामलों में शिकायतों के निपटान के लिए जम्मू विश्वविद्यालय आंतरिक शिकायत समिति (जेयूआईसीसीएएसएच) का पुनर्गठन किया गया है। समिति का कार्यकाल अक्तूबर 2022 से अक्तूबर 2025 तक होगा। समिति में बाटनी विभाग से प्रोफेसर नम्रता शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह दो अन्य संकाय सदस्यों में कामर्स विभाग से डा. तरसेम लाल, द ला स्कूल से डा. बिंदु सांगड़ा को नामित किया गया है।
समिति में गैर शिक्षण कर्मचारियों में सहायक रजिस्ट्रार उषा कुमारी, प्रोफेशनल असिस्टेंट सोनिका शर्मा को नामित किया गया है। समिति में पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए तीन विद्यार्थियों में शिक्षा विभाग से पीएचडी स्कालर दयोतिमा केसर, इकनामिक्स पीजी विभाग के दूसरे सेमेस्टर के छात्र चंदन कौल और द ला स्कूल के चौथे सेमेस्टर की छात्रा इशिता बंद्राल को नामित किया गया है। गै
र सरकारी संस्थाओं में पूर्णिमा चौधरी को नामित किया गया है। समिति में हर साल एक तिहाई सदस्यों को बदल दिया जाएगा। एसोसिएट प्रोफेसर डा. चंद्रशेखर की मौत के मामले के बाद पूर्व कैश समिति की अध्यक्ष डा. अलका शर्मा ने त्यागपत्र दिया था और शिक्षक संघ के हड़ताल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैश समिति के अन्य सदस्यों को हटा दिया था, जिसके बाद से कैश समिति भंग चल रही थी। छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासनने कैश समिति का पुनर्गठन किया गया।