संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने के लिए जिला विकास आयुक्त निधि मलिक ने सोमवार को विद्युत विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। डीसी ने खराब प्रदर्शन को देखते हुए चार कनिष्ठ अभियंताओं का वेतन रोक दिया।
बैठक के दौरान डीसी ने योजना के तहत पंजीकरण, आवेदन और स्थापनाओं के संभागवार आंकड़ों की समीक्षा की। बताया गया कि कुल 1,057 पंजीकरण पूरे हो चुके हैं, जिनमें से 207 लाभार्थियों ने अग्रिम लागत जमा कर दी है। अब तक 168 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जबकि 39 और पूरे होने के विभिन्न चरणों में हैं।
प्रगति की सराहना करते हुए डीसी ने ज़िले के समग्र लक्ष्यों को प्राप्त करने में कमी पर चिंता व्यक्त की। खराब प्रदर्शन को देखते हुए चार कनिष्ठ अभियंताओं का वेतन रोक दिया गया है। डीसी मलिक ने आगे कहा कि यदि प्रदर्शन में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी मलिक ने एक्सईएन पीडीडी को लक्ष्यों का निरंतर पालन सुनिश्चित करने और खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने मौजूदा कमियों को दूर करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समन्वित और त्वरित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।
डीडीसी ने छतों पर सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में नागरिकों को शिक्षित करने के लिए जन जागरूकता और आउटरीच गतिविधियों को बढ़ाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने वाली इस प्रमुख योजना में अधिक से अधिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाने, सामुदायिक सहभागिता और सभी उपलब्ध मंचों का उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यान्वयन को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की गई, जिनमें दिहाड़ी मजदूरों की चल रही हड़ताल और बैंकिंग प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे। डीडीसी मलिक ने संबंधित विभागों को ऋण प्रक्रिया में तेजी लाने और प्रक्रियागत देरी को दूर करने के लिए बैंक क्लस्टर प्रमुखों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने का निर्देश दिया।
बैठक में एडीडीसी रियासी सुखदेव सिंह सम्याल, सीपीओ नरिंदर कुमार, एक्सईएन पीडीडी, एईई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।