संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। शुक्रवार दोपहर को मां के साथ फोन कर बात करते हुए एसडीएम रामनगर राजिंदर सिंह राणा ने कहा था कि मां मक्की की रोटी व चटनी बनाकर रखना। मैं घर पहुंचकर रात को वही रोटी चटनी और दही के साथ खाऊंगा लेकिन शायद यह उनके नसीब में नहीं था।
सड़क हादसे में एसडीएम की आकस्मिक मौत हो गई वहीं उनका इकलौता बेटा भी काल का ग्रास बन गया। दुर्घटना में घायल उनकी पत्नी निशु व बेटी भी गंभीर रूप से घायल हैं। इनका उपचार जम्मू में जारी है। अधिकारी व बेटे की मौत की जानकारी उन्हें शुक्रवार दोपहर अंतिम संस्कार होने तक नहीं दी गई थी। बताया जाता है कि राजिंदर सिंह शुक्रवार को रामनगर से अपने घर थूरू पट्टियां जाने लिए निकले।
इस दौरान उन्होंने जम्मू में पढ़ रहे बच्चों व उनके साथ रह रहे बच्चों को रियासी में आ जाने को कहा। सभी लोग अन्य वाहन से रियासी में आए जहां से वह अपने घर के लिए स्कॉर्पियो वाहन में सवार हो निकले। उनके साथ उनका चचेरा भाई, उनकी पत्नी व बेटी भी थे। गांव थूरू पट्टियां जाने के रास्ते में एक पत्थर को पड़ा देख राजिंदर सिंह स्वयं उसे हटाने के लिए वाहन से उतरे। इस दौरान चालक साहिल व अन्य लोग स्कॉर्पियो में ही बैठे रहे।
पत्थर हटाकर जैसे ही वह वाहन में सवार हुए अचानक से पहाड़ी का मलबा गाड़ी के ऊपर आ गिरा जिससे अधिकारी सहित चालक व अन्य घायल हो गए। हादसे का पता चलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। उन्हें दरमाड़ी स्थित अस्पताल ले जाया गया जहां पर राजिंदर सिंह व उनके बेटे को मृत घोषित किया गया। घायलों को उपचार देने बाद जिला अस्पताल व बाद में जम्मू रेफर कर दिया गया था। बताया जाता है कि राजिंदर सिंह राणा थूरू पट्टियां के एकमात्र जम्मू कश्मीर प्रशासनिक अधिकारी थे जिन्होंने अपनी मेहनत के साथ पढ़ाई की। पहाड़ी व ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही कई असुविधाएं होने के बावजूद वह के वर्ष 2011 बैच के केएएस अधिकारी बने।
ग्रामीण सुरजीत सिंह, केवल सिंह व आकाश ने बताया कि उन्हें अपने गांव व इलाके के साथ काफी प्यार था। वह हर शनिवार या फिर छुट्टी होने पर गांव में परिवार सहित आते थे।