रियासी। बदलते सुरक्षा खतरों के बीच अपनी तैयारियों को मजबूत करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तरफ से भारतीय सेना के साथ मिल कर संयुक्त प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
असमान्य व आधुनिक खतरों से निपटने के लिए सीआईएसएफ को बैटल रेडी बनाने का एक एक अहम कदम है। बैटल रेडी का मतलब है कि उक्त जवान किसी भी संवेदनशील व अहम ठिकानों पर आपातकालीन स्थिति में अपनी सेवाएं देने को तैयार रहेंगे। सीआईएसएफ के पूरे बैच को कश्मीर में सेना की विशेष यूनिट की तरफ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जवानों को नाइट युद्ध,जंगल युद्ध,नजदीकी मुकाबला करने के अलावा सहनशक्ति बढ़ाने का प्रशिक्षण मिल रहा है।
कठिन प्रशिक्षण के लिए सीआईएसएफ के क्विक रिएक्शन टीम के जवानों को ही चुना गया है जो किसी भी आपात स्थिति में अपनी पहली प्रतिक्रिया देते है। भविष्य में सीआईएसएफ की तरफ से अपने हर एक यूनिट के जवानों को इस प्रकार का प्रशिक्षण देगा ताकि वह शारिरिक मानसिक व रणनीतिक तौर पर इतना सक्षम हो कि आने वाले किसी भी नए खतरे से निपटने की क्षमता रखते हो। देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा जवानों के लिए प्राथमिकता रहेगी।