जम्मू कश्मीर में लोगों को कोरोना महामारी से बचाए रखने के लिए लखनपुर में स्थापित कॉरिडोर कठुआ के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा हैं। अक्टूबर माह से शुरू हुई आवाजाही के बाद से लगातार आ रही परेशानी पर विभिन्न संगठनों द्वारा आवाज उठाने के बावजूद अब तक सरकार व प्रशासन की ओर से पहल नहीं हुई है।
इसका खामियाजा कठुआ के लोगों को ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों को पहले कॉरिडोर में कोरोना टेस्टिंग सेंटर में कोरोना की जांच करवानी पड़ती है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों से आगे की यात्रा का प्रावधान है। इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी कठुआ व आसपास के लोगों को हो रही है। क्योंकि लखनपुर से चलने वाली परिवहन निगम की बसों में कठुआ के यात्रियों को बैठाया नहीं जाता।
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मजबूरन उन्हें कॉरीडोर से लखनपुर कस्बे में स्थित बस अड्डे तक पैदल आना पड़ता है। दो किलोमीटर के रास्ते को बिना सामान के तो तय कर लेते हैं। लेकिन परिवार और ज्यादा सामान होने पर काफी परेशानी आती है। कॉरिडोर से लखनपुर कस्बे तक आ रहे कमलजीत सिंह ने कहा कि सर्दी के मौसम में तो उक्त दूरी को किसी तरह तय कर लेते थे। लेकिन अब गर्मी में इतना चलना संभव नहीं है।
अपने एक साल के बच्चे के साथ लखनपुर बस अड्डे आ रही आशा रानी ने कहा कि पठानकोट से लखनपुर आना आसान है। लेकिन कॉरिडोर से लखनपुर अड्डे तक पहुंचना किसी मुसीबत से कम नहीं है। उन्होंने लखनपुर से कठुआ के बीच चलने वाली मिनी बस सेवा को कोरिडोर से कठुआ तक करने की मांग की है।