इसके लिए बूथ स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कवायद भी शुरू की जा चुकी है। इसके लिए वह जम्मू कश्मीर में ही फिलहाल फोकस करना चाह रहे हैं। लद्दाख संभाग में किसी क्षेत्रीय नेता को पार्टी की बागडोर साैंपी जा सकती है।
सर्दियों के मौसम में नवंबर से अप्रैल महीने तक केवल हवाई मार्ग से ही लद्दाख पहुंचा जा सकता है। बर्फबारी के चलते लद्दाख जाने वाले मार्ग बंद हो जाते हैं। ऐसे में सियासी नेताओं के लिए लद्दाख में राजनीतिक गतिविधियों दूसरे प्रदेश से जाकर चलाना इतना सरल नहीं रह जाता।