कश्मीर के श्रीनगर में जारी जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक में 80-90 फीसदी वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार के बीच आम सहमति बन गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वित्तमंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में हो रही बैठक में इस बारे में सहमति बन चुकी है।
हालांकि अब तक वित्त विभाग की ओर से इस बाबत कोई बयान नहीं दिया गया है लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि देर शाम जीएसटी की देश भर में लागू होने वाली दरों के विषय में आधिकारिक जानकारी भी आ सकती है।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में वित्तमंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में हो रही बैठक में देश भर के राज्य सरकार के वित्तमंत्री और सचिव शामिल हो रहे हैं। इस बैठक में वस्तुओं और सेवाओं पर 5,12, 18 और 28 फीसदी दरों को विभिन्न वस्तुओं पर लगाने को लेकर फैसला किया जा रहा है।
सोने पर 5 फीसदी टैक्स रेट की तैयारी
सोने पर टैक्स
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बैठक के दौरान केरल के वित्तमंत्री थॉमस आइजैक ने कहा कि सोने पर जीएसटी की दरों को 5 प्रतिशत तक रखने की मांग की जा रही है जो कि पूर्व में 1 फीसदी निर्धारित की गई थी। इस बदलाव का आधार ये है कि सोना किसी मूलभूत आवश्यकता की जरूरत में शामिल नहीं होता।
वहीं काउंसिल की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मांग की गई की पूजा सामग्रियों पर टैक्स की दरों को 18 फीसदी से हटाकर शून्य कर दिया जाए। वहीं कुछ अन्य सुझावों में सर्विस टैक्स की दरों को 12 और 18 फीसदी के 2 स्लैब्स में रखने की मांग की गई।
केरल के वित्तमंत्री की ओर से बैठक में दिए गए सुझावों में ये बात कही गई कि जीएसटी की दरों का निर्धारण कुछ इस तरह से किया जाए जिससे कि राज्यों को मिलने वाले राजस्व की दरों में कोई कमी या बढ़ोत्तरी ना हो।
रियासत को 15 से 20 अरब रूपए ज्यादा राजस्व की संभावना
GST BILL
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वहीं बैठक से पूर्व पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि आज होने वाली बैठक में जीएसटी की दरों पर निर्धारण कर लिया जाएगा। केरल के वित्तमंत्री ने कहा कि सोने पर टैक्स की दरें 5 प्रतिशत होनी चाहिए क्योंकि सोना विशेष प्रयोग की वस्तु है और पिछले एक दशक में इसके दाम करीब 4 गुना बढ़ोतरी हुई है।
थामस आईजैक ने कहा कि सोना कोई विशेष प्रयोग की वस्तु नहीं है ऐसे में इसपर 1 फीसदी जीएसटी दरों की क्या जरूरत है क्योंकि ये किसी गरीब के प्रयोग की वस्तु नहीं है। वहीं जीएसटी काउंसिल बैठक के मेजबान जम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य में जीएसटी के लागू होने पर 1500 से 2000 करोड़ रूपए के अतिरिक्त राजस्व लाभ की उम्मीद जताई है।
जीएसटी लागू करने वाले राज्यों में जम्मू कश्मीर वो पहला राज्य होगा जहां रियल एस्टेट को जीएसटी की सीमाओं में शामिल किया जाएगा। बैठक के बारे में बात करते हुए राज्य सरकार के वित्तमंत्री हसीब द्राबू ने कहा कि ये बैठक जीएसटी काउंसिल की सबसे अहम बैठक है क्योंकि इसमे देश भर में जीएसटी की दरों का निर्धारण किया जाना है। द्राबू ने कहा कि जीएसटी की दरों के लागू होने के बाद वस्तुओं और सेवाओं के दर में कमी होगी जिससे कि आम आदमी को बड़ा फायदा मिल सकेगा।