आवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष और उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लंगेट से विधायक इंजीनियर रशीद ने मंगलवार को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में राज्य का झंडा लहराया।
लगातार तीसरी बार राज्य का झंडा लहराने के मौके पर रशीद ने कहा कि उनके इस कदम से भाजपा नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के समर्थकों को एक संदेश जाएगा, जो ‘एक निशान, एक विधान’ का नारा बुलंद करते हैं।
अनंतनाग में रशीद द्वारा राज्य का झंडा लहराने के पीछे 22 जून को अनंतनाग विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में मतदाताओं को आकर्षित करना माना जा रहा है। इस चुनाव में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी मैदान में हैं। रशीद ने भी पहले नामांकन भरा था, लेकिन बाद में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया।
वज़ीर बाग में झंडा लहराने के मौके पर बड़ी संख्या में रशीद के समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान रशीद ने कहा कि दिल्ली के साथ हुए समझौते के बाद हमें यह झंडा मिला है। उन्होंने कहा कि यह झंडा कश्मीरियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। हमने इसके लिए लड़ाई लड़ी है। हम किसी को भी इसकी पवित्रता से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देंगे। वहीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रशीद ने आरएसएस की बी-टीम का सदस्य बताया।
रशीद ने कहा कि सात जून, 1952 को जम्मू-कश्मीर को अपना झंडा तब मिला, जब राज्य विधानसभा द्वारा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला द्वारा झंडे को लेकर पेश संकल्प पारित किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को दिल्ली समझौते को सही रूप से लागू करना चाहिए।
रशीद ने सात जून को राज्य में ‘स्टेट फ्लैग डे’ के रूप में छुट्टी की मांग भी की। इस अवसर पर नेशनल कांफ्रेंस की विचारधारा से प्रेरित मौलाना मसूदी द्वारा लिखा गान भी गाया गया। जम्मू-कश्मीर के झंडे का महत्व बताते हुए रशीद ने कहा कि जैसा राष्ट्रीय ध्वज अहम है, वैसे ही राज्य का ध्वज अपना महत्व रखता है। हमें इसकी रक्षा करने की ज़रूरत है।