भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री चौधरी सुखनंदन ने मंगलवार को विधानसभा का बहिष्कार किया। वे प्रश्न का जवाब नहीं मिलने से नाखुश थे।
प्रश्नकाल के दौरान चौधरी सुखनंदन ने अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता से शिकायत की कि उनके प्रश्न का जवाब नहीं उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि मजाक बनाकर रख दिया गया है। प्रश्न पूछने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया है।व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस पर स्पीकर ने विधानसभा सचिवालय से संपर्क करने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही जवाब मिल जाएगा। काफी देर बाद भी जब उन्हें जवाब नहीं मिला तो उन्होंने व्यवस्था के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए वाकआउट किया। पूर्व मंत्री को जवाब नहीं मिलने पर भाजपा के अन्य सदस्यों ने भी आपत्ति जताई।
इसके साथ ही विधायक हकीम यासीन ने भी वाकआउट किया। उनका कहना था कि पीठासीन अध्यक्ष की ओर से उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उनकी अनदेखी की जा रही है जबकि वे सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं। चार बार विधायक रहे हैं। अध्यक्ष की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया कि उन्हें भी मौका दिया जाएगा। सीमित समय में सभी को बोलने का मौका दिया जा रहा है।