कर्नाटक के खिलाफ मुकाबले में मेजबान टीम की बल्लेबाजी का निराशाजनक प्रदर्शन रहा। मैच की दोनों पारियों में जम्मू-कश्मीर की टीम कुल 355 रन की बना सकी। पहली पारी में 192 और दूसरी में 163 रन ही बना पाई। मैच के अंतिम दिन दूसरी पारी में जीत के लिए मिले 331 के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी लड़खड़ाई।
विशाल लक्ष्य के दबाव में टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गवाएं। टीम का पहला विकेट 3.5 ओवर में सुर्यांश रैना (12) के रूप में गिरा। इसके दूसरा विकेट 10.2 ओवर में शुभम खजूरिया (30), तीसरा विकेट 10.5 ओवर में अब्दुल समद (2), चौथा विकेट 12.2 ओवर में हिनान मालिक (7), पांचवां विकेट 13.2 ओवर में कप्तान परवेज रसूल (2), छठा विकेट 21.2 ओवर में फैजल राशिद (11), सातवां विकेट आबिद मुश्ताक (5), आठवां विकेट 28.6 ओवर में शुभम पुंडीर (31), नौवा विकेट 38.2 ओवर में आकिब नबी (26) और दसवां विकेट 44.2 ओवर में उमर नजीर (24) के रूप में गिरा। जबकि मुजतबा यूसुफ (11) नाबाद रहे।
मेजबान गेंदबाजों ने भी किया प्रभावित
रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। टीम ने नौ ग्रुप मुकाबले और एक क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले की 15 पारियों में विपक्षी टीम को ऑल आउट किया है। क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में मेजबान गेंदबाजों ने स्टार खिलाड़ियों से सजी कर्नाटक की टीम को पहली पारी में 206 रन पर, जबकि दूसरी पारी में 316 रन पर ऑलआउट किया।