रियासत के घरेलू मैदानों पर इस सीजन किसी भी रणजी मुकाबले की जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) मेजबानी नहीं कर पाएगा। दिसंबर में जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड पर होने वाले तीन रणजी मुकाबलों के आयोजन स्थल को दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया गया है।
हाल ही में बाढ़ से श्रीनगर और जम्मू के मैदानों को हुए नुकसान पर बीसीसीआई ने फैसला लिया है। जेकेसीए के महासचिव एमएल नेहरू के अनुसार बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए क्रिकेट मैदानों रणजी मुकाबलों के लिए तैयार नहीं हैं। श्रीनगर के मैदान को भारी नुकसान पहुंचा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल चार दिवसीय रणजी मुकाबलों जेएंडके ने ग्रुप सी में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। इसमें उसे घरेलू मैदान पर दो मुकाबलों में सफलता मिली थी। पिछले साल के शानदार प्रदर्शन से इस बार जेएंडके को ग्रुप ए में शामिल किया गया। लेकिन बाढ़ की बदकिस्मती से राज्य में कोई रणजी मुकाबला आयोजित नहीं किया जा रहा है।
रणजी के ग्रुप ए, बी और सी में अन्य राज्यों को कई मुकाबलों की मेजबानी का मौका मिला है। इस बार राज्य के मैदान पर दिसंबर 14-17 तमिलनाडु, जनवरी 21-24 रेलवे और जनवरी 29 से फरवरी 1 को मध्यप्रदेश के खिलाफ जेएंडके को मेजबानी करनी थी।
बाढ़ के बाद श्रीनगर और जम्मू के क्षतिग्रस्त मैदानों को देखते हुए पहले ही रणजी मुकाबलों की मेजबानी छिनने पर तलवार लटक रही थी। इस बार जेएंडके का विजय हजारे में शानदार प्रदर्शन रहा है। लेकिन घरेलू मैदान के उपलब्ध न होने के कारण राज्य टीम के लिए दूसरे राज्य में कोचिंग कैंप लगाना पड़ा।
इस बार राज्य टीम चीफ कोट सुनील जोशी के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। राज्य टीम के सदस्य परवेज रसूल का कहना है कि घरेलू मैदान पर खेलने के स्थानीय क्रिकेटरों को काफी लाभ मिलता है। उन्हें अपनी पिच के बारे में बेहतर जानकारी होती है। जिससे वे अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब होते हैं।