भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में जारी शांति प्रक्रिया में बाधा डालने वालों को जेल जाना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो ही रास्ते हैं। पहला शांति और दूसरा विकास का। इन दोनों रास्तों के बीच जो भी खलल डालने आएगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। श्रीनगर के टैगोर हाल में जश्न-ए-कश्मीर के नाम से भाजयुमो के अधिवेशन में पहुंचे राम माधव ने कहा कि अब तक जम्मू-कश्मीर में केवल कुछ परिवारों और चंद नेताओं के लिए सब कुछ था। अब यह सब कुछ आम कश्मीरी और लाखों परिवारों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के लिए देश भर में कई जेलें हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पहले सियासी कार्यक्रम में पहुंचे राम माधव ने कहा कि राजनेता जम्मू कश्मीर के लोगों को अपनी राजनीति के चारे के तौर पर न समझें। 200 से 300 लोगों को जेल के अंदर रखने से अगर शांति और विकास हासिल हो सकता है तो यह करना ठीक है।
उन्होंने कहा ‘आप राजनीति करें लेकिन शांति भंग किए बिना। कुछ नेता जेल के अंदर बैठकर संदेश दे रहे हैं कि लोग बंदूक उठाएं और बलिदान दें। ऐसे नेताओं से वह कहना चाहते हैं कि वे पहले खुद आगे आकर अपना बलिदान दें।’ उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा विकास की राजनीति करना चाहती है।
हर रोजगार पर स्थानीय युवा का हक
राम माधव ने कहा कि कुछ लोग रोजगार और भूमि चले जाने की अफवाह फैला रहे हैं। वह लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि जन हित के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। राज्य के प्रत्येक रोजगार पर यहां के युवाओं का हक है और यह उन्हें ही मिलेगा। केंद्र जम्मू-कश्मीर में रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की तैयारी कर रहा है। लोगों की पहचान, संस्कृति, रोजगार और शिक्षा को कोई क्षति न पहुंचे इसके लिए हर मुमकिन कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से यहां के लोगों को नए अवसर मिलेंगे।