भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। हालांकि, जम्मू संभाग में बारिश के चलते बहनों को भाईयों के घर पहुंचने में कुछ परेशानी जरूर हुई। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रात 8:54 से 9:48 बजे और शुक्रवार को सुबह 7:06 बजे तक का है। भद्रा होने के चलते प्रदेश के ज्योतिषविदों के अलग-अलग मत है। ज्योतिषविदों का कहना है भद्रा काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 11 अगस्त को सुबह 10:39 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे तक रहेगी। लेकिन, 11 अगस्त को सुबह 10:39 बजे से रात्र 8:53 बजे तक भद्रा काल रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में राखी का त्योहार नहीं मनाना चाहिए। ऐसे में 11 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रात 8:54 से 9:48 बजे तक रहेगा।
पंडित लक्ष्मी नारायण के अनुसार भद्रा का निवास पाताल लोक में है। इसलिए भूलोक पर इसका इतना प्रभाव नहीं रहेगा। बहनें भाई की कलाई पर किसी भी समय राखी बांध सकती हैं।
बहनों राखियां, भाइयों ने की उपहारों की खरीदारी
कोरोना महामारी की पाबंदियों के दो साल बाद रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, जिसके लिए लोगों में उत्साह है। त्योहार के एक दिन पहले बाजारों में खरीदारी के लिए काफी भीड़ रही। बहनों ने राखियों और भाइयों ने उपहारों की खरीदारी की है। बुधवार को शहर के परेड, राघुनाथ, पुरानी मंडी और कच्ची छावनी सहित अन्य बाजारों में दिनभर काफी रौनक रही। बाजारों में 10 रुपए से 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। वहीं, बाजारों में मिठाइयों सहित ड्राई फ्रूट की काफी मांग रही।