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Jammu Kashmir: मुठभेड़ में मारे गए लतीफ राथर ने छिपाई तीन आईईडी, सुरक्षा बल कर रहे तलाश

Thu, 11 Aug 2022 10:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर

सार

Srinagar : एडीजीपी विजय कुमार ने कहा कि हम बहुत जल्द आईईडी बरामद कर लेंगे। हाल ही में सुरक्षा बलों ने दो आईईडी बरामद कर नष्ट की हैं। शक है कि मारे गए राथर ने दो से तीन आईईडी कहीं छिपा रखी हैं, इनमें मैग्नेटिक आईईडी भी शामिल है।
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एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बडगाम में मुठभेड़ में मारे गए आतंकी लतीफ राथर की छिपाई मैग्नेटिक आईईडी को सुरक्षा बल तलाश रहे हैं। एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि हम बहुत जल्द आईईडी बरामद कर लेंगे। हाल ही में सुरक्षा बलों ने दो आईईडी बरामद कर नष्ट की हैं। शक है कि मारे गए राथर ने दो से तीन आईईडी कहीं छिपा रखी हैं, इनमें मैग्नेटिक आईईडी भी शामिल है। वहीं, एडीजीपी के इस बयान ने 29 जुलाई 2022 को अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘स्वतंत्रता दिवस पर मैग्नेटिक आईईडी से आतंकी कर सकते हैं सुरक्षाबलों पर हमला’ पर मुहर लगा दी है।

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सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था, जिसे उन्होंने हाल ही में 26 जुलाई को एक उच्च स्तरीय बैठक में साझा किया था। इसमें कश्मीर घाटी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आतंकियों की ओर से मैग्नेटिक आईईडी से सुरक्षाबलों को निशाना बनाने का इनपुट था। सुरक्षा एजेंसियों को बडगाम जिले में लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की मूवमेंट और उनके पास मैग्नेटिक आईईडी होने के इनपुट मिले थे।

इनपुट के अनुसार मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के कुछ हिस्सों में आतंकी संगठन लश्कर के स्थानीय आतंकी लतीफ अहमद राथर (बुधवार मारा गया आतंकी) और जैश-ए-मोहम्मद के स्थानीय आतंकी आसिफ अहमद रेशी उर्फ हुबैब की आवाजाही देखी गई थी। लतीफ के पास मैग्नेटिक आईईडी होने की भी सूचना मिली थी। इसमें अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों और कश्मीर घाटी में स्वतंत्रता दिवस के समारोहों को निशाना बनाने का इनपुट था।
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टारगेट किलिंग करने वालों में अब सिर्फ बासित डार ही बचा
एडीजीपी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जितनी भी टारगेट किलिंग हुई थीं, उसके पीछे जितने भी आतंकी थे वो सभी मारे गए हैं, केवल लश्कर का बासित डार जिंदा है। श्रीनगर जिले के साकिब, मुजफ्फर और लतीफ मारे गए हैं। मोमीन और दक्षिण कश्मीर का बासित डार रह गया है, जिन्हें जल्द मार गिराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तरी और दक्षिण कश्मीर से आतंकी श्रीनगर में आते रहते हैं और पिछले दो वर्षों में जो मुठभेड़ यहां हुई हैं, उसमें 75 प्रतिशत आतंकी या तो दक्षिण कश्मीर के या उत्तरी कश्मीर के थे।

कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकी 80 से नीचे
एडीजीपी विजय कुमार ने कहा कि बुधवार की मुठभेड़ के बाद कश्मीर घाटी में सक्रिय स्थानीय आतंकियों का आंकड़ा 80 से नीचे पहुंच गया है, जबकि 45-50 पाकिस्तानी आतंकी वर्तमान में घाटी में सक्रिय हैं। घाटी में इस वर्ष 130 आतंकी मारे गए हैं। जिले में आतंकियों के दो गाइड भी ढरे किए गए हैं। विजय कुमार ने कहा कि मारे गए इन आतंकियों में से करीब 35 प्रतिशत हाइब्रिड आतंकी हैं। आतंकवाद में शामिल होने के बाद 35 प्रतिशत आतंकी एक महीने के भीतर मारे गए जबकि 50 प्रतिशत तीन महीनों के भीतर। एडीजीपी ने कहा कि हाइब्रिड आतंकियों को अब टेक्निकल सर्विलांस से चिह्नित किया जा रहा है।

हाइब्रिड टेरर कोड किया डीकोड
एडीजीपी ने कहा कि ऐसे हाइब्रिड आतंकी पिस्तौल का प्रयोग करते हैं। कई पकड़े भी गए और उनके पास से पिस्तौलें भी बरामद हुईं। कई हाइब्रिड आतंकियों को अभिभावकों के सहयोग से वापस लाया गया जोकि पाइपलाइन में थे और अभी किसी वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे। उन्होंने कहा कि ‘हाइब्रिड टेरर कोड’ को पूरी तरह से डीकोड कर दिया गया है। अब तुर्की मेड पिस्तौलों का प्रयोग किया जा रहा है। दो महीना पहले श्रीनगर के छानपोरा इलाके से 15 तुर्की मेड पिस्तौल बरामद किए गए जोकि बिल्कुल नए थे। बाद में एनआईए को यह मामला सौंप दिया गया।
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