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J&K: गुलाम अली खटाना उत्तर प्रदेश पर खास मेहरबान, जम्मू-कश्मीर के राज्यसभा सांसद ने UP में कराई विकास की बारिश

Sun, 15 Feb 2026 01:16 PM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) के तहत 176 विकास कार्यों की सिफारिश की, जिसमें 144 कार्य उत्तर प्रदेश के लिए और केवल 32 जम्मू-कश्मीर के लिए किए गए। शाहजहांपुर जिले को सबसे ज्यादा 139 कार्य मिले, जबकि जम्मू, सांबा, कठुआ, पुंछ और राजोरी जिले में मामूली संख्या में ही विकास कार्य किए गए।
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भाजपा नेता गुलाम अली खटाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता गुलाम अली खटाना उत्तर प्रदेश पर खासे मेहरबान नजर आ रहे हैं। खटाना ने वर्ष 2022 में राज्यसभा सांसद के रूप में मनोनीत होने के बाद से अब तक सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) के तहत 176 विकास कार्यों की सिफारिश की है। इनमें से 144 कार्य यूपी के लिए हैं। बाकी 32 कार्यों की सिफारिश जम्मू-कश्मीर के लिए की गई है। यूपी में भी अकेले शाहजहांपुर जिले के लिए 139 विकास कार्यों की सिफारिश की गई है।

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गुलाम अली खटाना जम्मू के बठिंडी इलाके के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2008 में भाजपा से जुड़े और 2022 में राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए। एमपीलैड के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्यसभा के लिए मनोनीत सांसद देश के किसी भी राज्य और जिले में सांसद निधि से विकास कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं।

इसके तहत प्रत्येक सांसद को हर वर्ष 5 करोड़ की निधि उपलब्ध कराई जाती है। एमपीलैड पोर्टल के अनुसार खटाना ने यूपी के शाहजहांपुर में 139, पीलीभीत में तीन, चंदौली में एक और बदायूं में एक विकास कार्य की सिफारिश की है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के जम्मू जिले को 17, सांबा को छह, कठुआ को एक, पुंछ को छह और राजोरी को दो विकास कार्य मिले हैं। 

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150 काम पूरे, पोर्टल पर फोटो सिर्फ 12 की :
खटाना की सांसद निधि से 150 विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। इनमें से 12 कार्यों के फोटो ही एमपीलैड पोर्टल पर उपलब्ध हैं। शेष कार्यों के पूर्ण होने का कोई दृश्य प्रमाण पोर्टल पर मौजूद नहीं है। एमपीलैड के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम पूरा होने के बाद उसकी तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। पोर्टल को अपडेट करने और फोटो अपलोड करने की जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन की होती है।

मैंने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और भाजपा में रहते हुए देशभर का दौरा किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग विकास कार्यों की मांग लेकर आते हैं। जहां जरूरत महसूस होती है वहां सांसद निधि से कामों की सिफारिश की जाती है। इसके अलावा पार्टी संगठन की ओर से जहां कार्यों की सिफारिश की जाती है, वहां भी काम दिए जाते हैं। आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर में भी कई विकास कार्यों की सिफारिश की जाएगी। - गुलाम अली खटाना, सांसद, राज्यसभा

क्या है एमपीलैड व एमपीलैड पोर्टल
एमपीलैड केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत लोकसभा, राज्यसभा और मनोनीत सांसदों को अपने क्षेत्र या पसंद के जिलों में विकास कार्य कराने के लिए हर वर्ष पांच करोड़ रुपये की सांसद निधि दी जाती है। इस निधि से सड़क, बिजली, पानी, सामुदायिक भवन, स्कूल, स्वास्थ्य और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा सकते हैं।

एमपीलैड के तहत कराए जाने वाले सभी कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एमपीलैड पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल पर सांसद और जिलावार यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है कि किस सांसद ने किस जिले में कौन-सा काम कराया, उस पर कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना खर्च हुआ और काम की वर्तमान स्थिति क्या है।

उत्तर प्रदेश में चार फर्मों ने किए खटाना की 84% निधि के काम
यह संयोग है या और कुछ, राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना की सांसद निधि (एमपीलैड) से उत्तर प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों का 42 फीसदी हिस्सा सिर्फ एक फर्म मिला है। उत्तर प्रदेश में हुए कुल कार्यों में से करीब 84 फीसदी राशि (लगभग 10.58 करोड़ रुपये) चार फर्मों को मिली है।

इनमें अकेले आरएमके इंटरप्राइजेज को ही 5.29 करोड़ रुपये के कार्य मिले हैं। यह कुल खर्च का लगभग 42 फीसदी है। खटाना की ओर से 2022 से अब तक सांसद निधि के तहत स्वीकृत कार्यों पर 12.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सांसद ने निधि के तहत कुल 153 विकास कार्यों के लिए फंड जारी किया है। इनमें से 150 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं जबकि तीन कार्य अभी प्रगति पर हैं। इनमें से 143 कार्य उत्तर प्रदेश और सिर्फ सात कार्य जम्मू-कश्मीर में पूरे हुए हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक शाहजहांपुर जिले में 139 विकास कार्य पूरे किए गए हैं।

इनमें से 137 कार्य अकेले आरएमके इंटरप्राइजेज ने किए। शेष दो कार्य अन्य एजेंसियों को दिए गए। इसके अलावा बदायूं जिले में एक, चंदौली में एक और पीलीभीत जिले में दो विकास कार्य पूरे हुए हैं। अन्य प्रमुख फर्मों में कम्प्यूटर सॉल्यूशंस को शाहजहांपुर में 2.18 करोड़ रुपये, रामजी कंस्ट्रक्शन को चंदौली जिले में 1.85 करोड़ रुपये और हिदाया किरात इंटरप्राइजेज को बदायूं जिले में 1.25 करोड़ रुपये के विकास कार्य मिले हैं। बदायूं जिले में 41 एलईडी सेमी मास्ट लाइट लगाने का कार्य एक ही फर्म को एक साथ सौंपा गया था।

निधि का छह फीसदी फंड जम्मू-कश्मीर में 94 फीसदी यूपी में खर्च

  • जम्मू-कश्मीर में सांसद निधि के तहत अब तक सिर्फ सात विकास कार्य पूरे हुए हैं जिनमें चार जम्मू जिले, एक कठुआ और दो सांबा जिले में हैं। यहां तीन विकास कार्य अभी जारी हैं।
  • कुल खर्च की गई राशि में से करीब 77 लाख रुपये यानी छह फीसदी फंड ही जम्मू-कश्मीर में खर्च हुआ है जबकि करीब 11.82 करोड़ रुपये यानी 94 फीसदी राशि उत्तर प्रदेश में खर्च की गई है।
  • एमपी लैड योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार सांसद की भूमिका केवल विकास कार्यों की सिफारिश तक सीमित होती है और इसके आगे की प्रक्रिया, निविदा, फर्म का चयन, कार्य आवंटन और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन की होती है।
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क्या बोले सांसद गुलाम अली खटाना
मैंने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और भाजपा में रहते हुए देशभर का दौरा किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग विकास कार्यों की मांग लेकर आते हैं। जहां जरूरत महसूस होती है वहां सांसद निधि से कामों की सिफारिश की जाती है। इसके अलावा पार्टी संगठन की ओर से जहां कार्यों की सिफारिश की जाती है, वहां भी काम दिए जाते हैं। आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर में भी कई विकास कार्यों की सिफारिश की जाएगी। गुलाम अली खटाना, सांसद, राज्यसभा

 
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