फिल्म पद्मावती के विरोध में निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया गया। अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के युवा विंग ने शहर में रोष मार्च भी निकाला।
राजपूत सभा के सदस्यों ने फिल्म पद्मावती को राज्य और विशेषकर कठुआ में प्रदर्शित न किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म सीधे तौर पर चरित्रहरण है और किसी भी सूरत में इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजपूत सभा के सदस्यों ने सभा से शहीदी चौक तक रोष मार्च निकालकर फिल्म के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्चों को इतिहास बताया जाना चाहिए लेकिन भंसाली ने इतिहास से छेड़छाड़ की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रानी पद्मावती हिंदुओं के लिए आदर्श थीं। उन्होंने प्रजा की रक्षा और आन बान शान के लिए जौहर किया था, लेकिन इस फिल्म को बनाने के पीछे मंशा सिर्फ पैसा कमाने की है जिसके लिए इतिहास को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। इससे समस्त राजपूत समाज आहत हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फिल्म को प्रदर्शित किया जाता है तो इसके परिणामों की सीधी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।