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राजोरी गोलीकांड: एके राइफल के मिले खाली कारतूस, शुरुआती जांच आतंकी कनेक्शन की ओर कर रहे इशारा

Sun, 18 Dec 2022 01:38 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

शुरुआती जांच आतंकी कनेक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने घटना के समय मौके पर मौजूद एक सफाईकर्मी से भी पूछताछ की है, जिसने गोली चलने की घटना को देखा है।
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राजोरी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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जम्मू संभाग के जिला राजोरी के अल्फा टीसीपी पर शुक्रवार की सुबह संदिग्धों की ओर से हुई फायरिंग में दो पोर्टरों की मौत मामले की पुलिस ने शनिवार को जांच शुरू कर दी। मौके से एके राइफल के खाली कारतूस मिले हैं। हालांकि, सैन्य सूत्र बताते हैं कि सेना के संतरी पोस्ट पर तैनात जवानों के पास इंसास राइफल होती है। 

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इससे शुरुआती जांच आतंकी कनेक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने घटना के समय मौके पर मौजूद एक सफाईकर्मी से भी पूछताछ की है, जिसने गोली चलने की घटना को देखा है। इस बीच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर दुख जताते हुए प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये सहायता की घोषणा की है। कहा कि किसी की जान की कीमत पैसे से नहीं चुकाई जा सकती है। मृतक परिवार के प्रति पूरी संवेदना है।

घटना की जांच के लिए गठित टीम ने दोनों मृतकों के परिजनों से मिलकर पूछताछ की। कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है। टीम ने टीसीपी जाकर पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। कुछ सुबूत भी जुटाए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से कुछ खाली कारतूस भी मिले हैं। यह एके-56 या एके-47 के हो सकते हैं। इसे जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। बैलेस्टिक रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। 
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सूत्रों के अनुसार संतरी ड्यूटी पर तैनात जवानों के पास इंसास राइफल होती है। हालांकि, शुक्रवार को ही घटना के बाद सेना ने स्पष्ट किया था कि दो संदिग्ध आतंकियों ने फायरिंग की थी। घटना में घायल अनिल कुमार ने देर शाम बयान दिया था कि शॉल डाले व्यक्तियों ने घटना को अंजाम दिया था। इस बीच गोलीकांड में मारे गए दोनों पोर्टरों का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

घटना से दहशत, एजेंसियां संदिग्धों का पता लगाने में जुटीं
घटना के दूसरे दिन भी तनाव और दहशत का माहौल रहा। अल्फा टीसीपी और उससे सटे मुरादपुर बथूनी, अल्फा टीसीपी, फलयाना और आसपास के इलाकों के लोगों में दहशत है। उनका कहना है कि यदि यह आतंकी घटना है तो उसे अंजाम देने के बाद वह कहां गायब हो गए। आने वाले समय में वे फिर किसी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। घायल के बयान के बाद खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों की भी नींद उड़ी हुई है। अब तक सुरक्षाबलों को उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर आतंकियों का पता लगाने में जुटी हैं।

मृतक के भाई ने घायल के बयान पर जताया एतराज
गोलीकांड में मृतक के भाई कौशल कुमार ने अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए घायल अनिल कुमार के बयान पर एतराज जताया। अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों को बताया कि ये बयान बेबुनियाद हैं और दबाव में दिए गए हैं। जो व्यक्ति बयान दे रहा है वह बयान देने की हालत में नहीं था। हममें से कुछ लोग उससे जब मिलने गए तो वह बात भी नहीं कर पर रहा था और थोड़ी देर के बाद वह बयान देने के काबिल कैसे हो गया। जो बयान घायल व्यक्ति द्वारा दिया गया है उसे परिवार के लोग बिल्कुल नहीं मानते और इसमें निष्पक्ष जांच चाहते हैं।

अनिल की हालत में सुधार, सात सदस्यीय समिति कर रही निगरानी
जीएमसी राजोरी में उपचाराधीन राजोरी गोलीकांड के घायल अनिल कुमार निवासी उत्तराखंड की हालत में शनिवार दूसरे दिन सुधार आया है। दोपहर तक होश आ गया था और स्वास्थ्य पैरामीटर ठीक चल रहे हैं। उसके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो दैनिक आधार पर रिपोर्ट देगी। अनिल कुमार को सर्जिकल आईसीयू में उपचार दिया जा रहा है।
 
जीएमसी प्रशासन की ओर से बनाई गई समिति में जीएमसी राजोरी के चिकित्सा अधीक्षक को सदस्य सचिव बनाया गया है। वहीं, सदस्यों में जीएमसी राजोरी के एचओडी जनरल मेडिसिन, एचओडी जनरल सर्जरी, एचओडी एनेस्थीसिया, एचओडी टीबी एंड चेस्ट डिजीज, डॉक्टर गोपाल शर्मा सहायक प्रोफेसर जनरल सर्जरी और डॉक्टर कुलभूषण बडियाल कार्डियोलाजिस्ट शामिल हैं।

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