केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग कॉलोनी का समर्थन किया है। साथ ही उसमें कुछ सिख और मुस्लिम परिवारों को भी बसाने का सुझाव दिया।
उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि ‘मुफ्ती साहब (जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री) की मौजूदगी में हमने इस पर विचार किया था कि कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए जमीन दी जाएगी। महबूबा मुफ्ती से भी इस पर चर्चा हुई और उन्होंने भी प्रस्ताव पर सहमति जताई है।’
उन्होंने कहा कि महबूबा ने भी कश्मीरी पंडितों से घाटी में लौट आने को कहा है। कॉलोनी बसाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। एक अन्य चैनल से बातचीत में गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य हो गई है। घाटी में पत्थबाजी की घटना होती है, लेकिन उसमें 50 फीसदी की कमी आई है।
जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे फहराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आतंकी समूह प्रदेश में अपना प्रभाव नहीं बना पाएंगे। कुछ अराजक तत्व प्रदेश में झंडे फहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है कि आतंक और वार्ता दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते।