फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरंग से घुसपैठ पर गृह मंत्रालय गंभीर, गृहमंत्री राजनाथ सीमा पर लेंगे सुरक्षा का जायजा

Wed, 07 Dec 2016 06:46 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : File Photo
विज्ञापन
आईबी पर सुरंग के जरिये पाक आतंकियों के घुसपैठ पर गृह मंत्रालय काफी गंभीर है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के  लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का 11 दिसंबर को रियासत का दौरा प्रस्तावित है।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि वह इस दौरान आईबी पर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा ले सकते हैं। साथ ही बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के इंतजामों तथा अन्य पहलुओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। 

सूत्रों का कहना है कि घुसपैठ के लिए सुरंग के इस्तेमाल पर गृह मंत्रालय गंभीर है। घटना वाले दिन ही मंत्रालय ने बीएसएफ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। सुरंग तथा हथियारों के वीडियो फुटेज के बाद अब गृह मंत्री ने स्वयं सीमा पर आकर वास्तविक जानकारी हासिल करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुश्मन को कड़ाई से जवाब देने का देंगे संदेश

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
इस दौरान वह आईबी पर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर सकते हैं। जवानों का हौसला बढ़ाने के साथ ही दुश्मनों की हर नापाक कोशिशों का पूरी कड़ाई से जवाब देने का भी संदेश देंगे। आईटीबीपी के कामों की भी समीक्षा प्रस्तावित है। हालांकि, अभी गृह मंत्री के दौरे की आधिकारिक सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुई है।

आईबी पर सांबा सेक्टर के फत्तोवाल गांव में सुरंग के जरिये पाकिस्तान के तीन आतंकियों ने 28-29 नवंबर की रात को खतरनाक इरादों से घुसपैठ की थी। उनके पास से बरामद हथियार, तरल विस्फोटक से इस बात का अंदेशा है कि वे भारी तबाही मचाने की साजिश के तहत घुसपैठ करने में सफल रहे थे। उनके पास मिले खाने-पीने का सामान भी यही दर्शा रहे थे कि वे लंबी तैयारी के साथ भारतीय सीमा में घुसे थे। 

कश्मीर हिंसा का हल ढूंढने भी आए थे
राजनाथ सिंह कश्मीर हिंसा का हल ढूंढने भी आए थे। इसके लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का उन्होंने नेतृत्व किया था। कश्मीर के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द जाना था। जम्मू में भी उन्होंने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से रायशुमारी की थी। बाद में वह दो दिन के दौरे पर लद्दाख गए थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें