घाटी में अमन शांति बहाली के लिए मुफ्ती के हुर्रियत से बातचीत के प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रेक लगा दिया है। रियासत के दो दिवसीय दौरे पर आए राजनाथ ने कहा कि अलगाववाद को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। सरकार इनसे सख्ती से निबटेगी। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हुर्रियत से कतई बातचीत नहीं की जाएगी। यह भी कहा कि भारत पड़ोसी मुल्कों से दोस्ताना संबंध का हिमायती है, लेकिन वह किसी की घुड़की बर्दाश्त नहीं करेगा। कहा कि पाकिस्तान के साथ भी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन उसकी नीयत और नीति साफ होनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हर किसी से बात करने को तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियां बंद होनी चाहिए। साथ ही इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देने के बजाय उसे हतोत्साहित करने की दिशा में लोगों को कदम बढ़ाना चाहिए। फिलहाल केंद्र के पास हुर्रियत या अलगाववादियों से बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं है।