त्रिकुटा पर्वतों पर बुधवार की सुबह से ही घने बादलों के बीच हलकी बारिश होने लगी। इसके चलते एक बार फिर बढ़ गई। भवन और मार्ग पर ठंडी तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा।
दिन भर में हेलीकाप्टर ने कुछ उड़ाने भरीं। धर्मनगरी में सुबह और शाम को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके चलते दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं थोड़ी परेशानी सहनी पड़ रही है। भक्तों को गर्म कपड़ों में लिपटा देखा गया।
पंजीकरण केंद्र से मिली जानकारी अनुसार मंगलवार को करीब 18 हजार यात्रियों ने अपना पंजीकरण कराया और प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन किए। वहीं, बुधवार की शाम तक 13 हजार यात्री पंजीकरण कराने के बाद भवन की ओर गए। हालांकि कक्ष के बंद होने में समय शेष था।
ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के से तापमान में गिरावट आई है। भवन से मिली जानकारी के अनुसार भवन में तेज हवाओं का चलना भी अधिक हुआ है। दर्शन को आए यात्री कंबल स्टोर में लगाइन लगाए दिखे। बादल और तेज हवाओं के कारण आनलाइन बुकिंग करा चुके श्रद्धालु हेलीकाप्टर सेवा के इंतजार करते दिखे, लेकिन कई यात्रियों को शाम को घोड़े या पालकी का सहारा लेना पड़ा। क्योंकि पूरे दिन में कुछ उड़ानें ही हो पाईं।