अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश के साथ शहरवासियों के लिए सड़कें परेशानी का सबब बन गई हैं। गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। चार माह पहले विभागीय अधिकारियों के मरम्मत के दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं। अनुमान के मुताबिक शहर के प्रमुख इलाकों में करीब 250 कीचड़ से भरे गड्ढों के बीच रोजाना 25 हजार लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं।
गुम्मट चौक, रामेश्वर मंदिर, डोगरा चौक, होटल फॉर्च्यून, विक्रम चौक, पुरानी मंडी, जैन बाजार, भगवती नगर से कैनाल रोड, गांधी नगर सहित कई प्रमुख इलाकों में बारिश से सड़कों पर हुए गड्ढों में गंदा पानी भरा है। जानकारों की मानें तो इन क्षेत्रों में करीब 250 गड्ढे ऐसे हैं, जिनसे होकर लगभग 25 लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। हालात ऐसे हैं कि दो या तीन साल पहले बनी सड़कें टूट गई हैं। काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने के कारण अब शहरवासी जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। रात में तो परेशानी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि ज्यादातर सड़कों पर रोशनी के लिए लगी लाइटें चलती नहीं। इस कारण लोग गड्ढों में गिर रहे हैं।
स्वास्थ्य से भी खिलवाड़
खस्ता सड़कों का असर स्थानीय लोगों की सेहत पर भी हो रहा है। जाम लगने के कारण प्रदूषण से खांसी, टीबी और त्वचा संबंधी शिकायतें आने लगी हैं। सबसे अधिक समस्या छोटे बच्चों को है, जो सुबह स्कूल जाने के लिए गड्ढों का शिकार बन रहे हैं। इसके अलावा उनकी वर्दी भी खराब हो रही है।
कई बार शिकायत की, पर सुनवाई नहीं हो रही
गांधी नगर की रहने वाली निरूपमा का कहना है कि रोड पर कई जगहों पर गड्ढे होने से जीना मुहाल हो गया है। आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही। इसी तरह भगवती नगर के अरुण पुरी कहते हैं - सबसे अधिक परेशानी कैनाल रोड पर है। यहां कई स्कूल हैं। इसके बावजूद गहरे गड्ढों को सही नहीं किया जा रहा।
नगर निगम के अधीन आने वाली सड़कों में पड़े गड्ढों की मरम्मत करवाई जाएगी। बारिश के कारण नुकसान हो रहा है। लोगों को बेहतर सुविधा दी जाएगी।
-परविंद्र कौर, सचिव, नगर निगम