बरसात के दिनों में लगता है कि इस बार भी कृष्णा नगर के लोगों सहित निचले इलाकों में बसे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं, क्योंकि नदी-नालों की सफाई अच्छे से नहीं होने के कारण वे ब्लाक है, आने वाले दिनों में लोगों के घरों, दुकानों और सड़कों को पानी में डूबे देखा जा सकता है। नदी नालों की हालत काफी बदतर है। नगर निगम अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई जुगाड़ नहीं लगा पाया है।
गौरतलब है कि नगर निगम की ओर से बरसात से करीब दो माह पहले नदी-नालों की सफाई करवानी शुरू कर दी जाती है, लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, जिस कारण मंदिरों के शहर के नदी-नाले जैसे के तैसे हैं, आने वाले दिनों में अगर बरसात जोर-शोर के साथ होती है तो निचले इलाकों खासतौर पर कृष्णा नगर, मोहिंद्र नगर, साइंस कालेज, डोगरा चौक, प्रेम नगर, भगवती नगर, अखनूर रोड, तालाब तिल्लो सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे लोगों के घरों में नदी-नालों की गंदा पानी प्रवेश कर जाता है।
कृष्णा नगर में ऐसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वहां के लोगों ने घरों के गेट के आगे ईंटों की दीवारें बना रखी है, ताकि गंदे पानी को किसी तरह से अंदर आने से रोका जा सके, लेकिन यह प्रयोग ज्यादा कारगर साबित न होकर काम चलाने लायक होता है, इससे गली, मोहल्ले और सड़क की गंदगी कम से कम घरों में नहीं आती है। कृष्णा नगर के लोग लंबे समय से नगर निगम की राह देख रहे हैं कि समस्या का समाधान किया जाए, लेकिन उनकी उम्मीद पर निगम खरा नहीं उतर रहा है।