जम्मू। रविवार देर रात से सोमवार तड़के तक हुई 4-5 घंटे की बारिश ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी। जम्मू शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के निगम दावे बारिश के पानी में डूबते दिखे। चंद घंटों की बारिश से सीवरेज सिस्टम हांफता रहा। पानी की निकासी का ठोस प्रबंध न होने से सड़कें तालाब में बदल गईं और पानी लोगों के घरों में घुस गया। देर रात तक लोग घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है, बरसात के मौसम में लोगों को हर बार ऐसी परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। निगम के पास भी दावे और आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं है।
सड़कों पर चार फुट तक पानी, थमी रही वाहनों की रफ्तार
बारिश से शहर की मुख्य सड़कें तालाब में बदल गईं। तालाब तिल्लो रोड पर आईआईआईएम के सामने सड़क पानी में डूबी रही। सड़क में तीन से चार फुट तक पानी भरा था। दोपहिया वाहन चालक इस मार्ग से गुजर ही नहीं पाए, उन्हें रास्ता बदलना पड़ा। जम्मू-पठानकोर्ट हाईवे पर बस स्टैंड से कुंजवानी तक कई ऐसे स्थान हैं जहां पानी जमा हो जाता है। गांधीनगर, सतवारी, गंग्याल मुख्य चौक पर भी बारिश में जलभराव की स्थिति रहती है।
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बेलीचराना : हर साल जलभराव होता है, लेकिन समस्या जस की तस
शहर के बेलीचराना इलाके में बारिश के कारण जलभराव अब आम बात हो गई है। बारिश के पानी की निकासी का ठोस प्रबंध नहीं होने से पानी लोगों के घरों में घुस गया। बारिश अधिक होने से पानी का स्तर बढ़ता गया और लोगों को मजबूरन घरों से बाहर निकलना पड़ा। स्थानीय निवासी विनीत ने बताया कि इस इलाके में अधिकांश लोग विस्थापित हैं। सरकार भेदभाव कर रही है। बारिश के पानी के कारण जलभराव बड़ी समस्या बनी हुई है। विनीत ने कहा, कई बार प्रशासन से समस्या के हल की अपील की लेकिन कोई सुनवाई नहीं।
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राजीव कॉलोनी : सुबह जागे तो सामान पानी में तैर रहा था
जम्मू यूनिवर्सिटी के साथ बहने वाले नाले में सफाई नहीं होने से बारिश का पानी राजीव कॉलोनी में घुस गया। बहाव अधिक होने से पानी लोगों के घरों में घुस गया। स्थानीय निवासी बिपिन कुमार ने कहा कि नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। सुबह जागने तक घर का सामान पानी पर तैरता नजर आया।