बेमौसम बारिश के बाद बची हुई फसल को समेट रहे किसान रो रहे हैं। गेहूं की फसल के दाने सामान्य आकार से छोटे और सिकुड़े हुए हैं, जो खाने लायक भी नहीं। यही नहीं, किसानों की इस फसल को कोई खरीदने वाला भी नहीं मिल रहा।
आमतौर पर गेहूं की फसल 1200 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक जाती है, लेकिन इस बार फसल को यह दाम नहीं मिल रहे। किसान फसल लेकर बेचने जा रहे हैं, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल रहा।
गेहूं की फसल पर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जेपी शर्मा से बात की गई। उन्होंने कहा कि किसानों का दर्द जायज है और उनकी परेशानी भी। बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं की बची हुई फसल सामान्य श्रेणी की भी नहीं है।