ज्यौड़ियां। खौड़ में बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगाें के ठहरने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारी कर ली है। इस क्रम में प्रशासन की तरफ से छह शिविर बनाए गए हैं। उनमें 2500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। आने वाले दिनों में बारिश से अगर बाढ़ जैसे हालात बनते हैं और ग्रामीणाें के घरों में बारिश का पानी भरता तो उन्हें इन शिविरों में ठहराया जा सकता है।
खौड में हर बार बरसात के दिनों में चिनाब तथा मनावर तवी का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। प्रशासनिक रिपोर्ट के दौरान चिनाब का जलस्तर अधिक होने से गांव इंद्री, बकोर, चकककोरा तथा परगवाल क्षेत्र के गांव परगवाल, एनएस पुरा, हमीरपुर कोना, सजवाल, गोवार आदि गांवों के लोग प्रभावित होते हैं। वहीं मनावर तवी में भी बाढ आ जाने से खौ? उपजिला क्षेत्र के निचले क्षेत्र के गांव हमीरपुर सिदड, मगेंयाल लालू, मगेंयाल अवतारा, घरड, सैंथ आदि गांवों के लोग प्रभावित होते हैं। इन सभी के बचाव के लिए प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर ठहराने के लिए छह शिविरों की व्यवस्था की है, जिनमें 2500 के करीब लोग ठहर सकते है। इसमें सामुदायिक भवन परगवाल, हायर सेकेंडरी स्कूल परगवाल, लड़कों के मिडिल स्कूल परगवाल, गर्ल्स हाई स्कूल परगवाल, सामुदायिक भवन चकक मलाल तथा हायर सेकेंडरी स्कूल खौड़ शामिल हैं। जहां साफ पानी, शौचालय, खाने का बंदोबस्त आदि की व्यवस्था कर ली गई है। इसकी जानकारी एसडीएम कार्यालय खौड़ से गई है। प्रशासन की तरफ से 6 टीमों का गठन किया गया है। जो बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर प्रभावित लोगों के बचाव के लिए तैयार रहेगी। बाढ़ प्रभावित गांव के नंबरदारों तथा चौकीदारों को भी पूरी-पूरी जिम्मेदारियां साैंपी गई हैं कि बरसात के दिनों में चौकस रहें। सनद रहे कि इन सब बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग पहले भी कई दफा बाढ़ की स्थिति का सामना कर चुके है। शिविरों में दिन बिता चुके हैं, जिससे सबक लेकर अब की बार प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारियां कर ली हैं।