कमजोर मानसून की भविष्यवाणी के बीच रविवार देर रात हुई जोरदार बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। कृषि विशेषज्ञों ने भी देर न करते हुए किसानों को धान, मक्की और दलहन की रोपाई करने का सुझाव दिया है। खरीफ सीजन के लिए मानसून की पहली बारिश को पर्याप्त बताया गया है।
अब सिर्फ बासमती के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। इसके लिए मानसून की बरसात का किसानों को इंतजार रहेगा। जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में मुख्य रूप से मक्की, धान और दलहन की खरीफ सीजन के दौरान बिजाई होती है। एक लाख बीस हजार हेक्टेयर पर धान की रोपाई होगी और दो लाख हेक्टेयर पर मक्की और कुछ हजार हेक्टेयर पर दलहन लगाई जाएगी।
मक्की के लिए सही समय
कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जगपाल शर्मा ने बताया कि बारिश से हवा में नमी आई है। खेतों में पानी होने से नमी बन गई है। कंडी और पहाड़ी इलाकों में दो लाख हेक्टेयर पर मक्की की फसल लगाई जानी है। अब किसानों को देर नहीं करनी चाहिए और मक्की की बिजाई कर देनी चाहिए। मूंग, माश और राजमाश के लिए भी किसान बिजाई कर सकते हैं।
धान की मोटी फसल लगा दें
बासमती को छोड़ कर धान की अन्य किस्मों को लगाने का सही समय है। 1410, रत्ना, शरबती, पूसा आदि धान की किस्माें को किसान इस समय लगा सकते हैं। खेतों में पूरी नमी बन गई है और थोड़े से पानी का जुगाड़ कर इन किस्मों की रोपाई कर दें। इसके बाद पानी मिलता रहेगा और इस पर असर नहीं पड़ेगा। यह किस्में 70 से 80 दिन में तैयार हो जाती हैं।
बासमती के लिए 15 जुलाई तक का इंतजार
रणवीर 370 बासमती लगाने के लिए 15 जुलाई तक का समय किसानों के पास है, लेकिन इसके लिए किसानों को बारिश का इंतजार करना पड़ेगा। तब तक किसान धान की बाकी किस्मों का निपटा लेंगे।