बिलावर उपमंडल में लगातार 10 घंटे तक बारिश जारी रही। इसके चलते कई गांवों का संपर्क उपमंडल मुख्यालय से कट गया। वहीं दूरदराज के पहाड़ी लिंक मार्गों पर फिसलन बढ़ने और मलबा गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। इस दौरान लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश से मल्हार, देहरी गला, धार डूगनू सहित कई अन्य सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। वहीं उज्ज, नाज, भीनी, तलेन, टीरडी, बसंतर, हवाड और पनाड़ सहित अन्य नाले उफान पर रहे।
उधर तहसीलदार बिलावर पंकज शर्मा के अनुसार शाम पांच बजे तक किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है। 10 घंटे बाद शाम चार बजे सूर्यदेव के दर्शन हुए। उधर, नाज नाले में लगाए गए बिजली के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे बिलावर कस्बे के साथ-साथ दर्जनों गांवों में सुबह पांच बजे से गुल हुई बिजली शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो पाई थी। बिजली विभाग के एईई अश्विनी कुमार ने बताया कि बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त हुए बिजली के ढांचे को ठीक करने के लिए लगी हैं।
घर में पानी घुसने से सामान बहा, पड़ोसी के यहां ली शरण
बारिश से उपमंडल के दूरदराज के इलाकों में कई घरों को क्षति पहुंची है। सदरोता ए पंचायत में विशन दास के घर में बारिश का पानी घुस गया, जिससे घर में सारा रखा सामान बह गया। परिवार के सदस्यों ने पड़ोसी के घर में शरण ली, जिससे उनकी जान बच गई। पीड़ित विशन दास ने बताया कि दो वर्ष पूर्व पीएमजीएसवाई की ओर से उनके घर से थोड़ी ऊपर सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन सुरक्षा दीवार न लगाने के कारण बारिश का पानी उनके घर की तरफ रुख कर गया, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
बताया कि इस संबंध में कई बार पीएमजीएसवाई को अवगत भी करवाया गया था। उधर मल्हार गांव के मोहल्ला सुर्ग में भू-स्खलन की चपेट में आने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्य समय से पड़ोसी के घर चले गए थे। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। प्रभावित मोहम्मद फारूक राथर ने बताया कि उन्होंने मेहनत मशक्कत करके घर बनाया था, जो भूस्खलन की चपेट में आ गया। मल्हार पंचायत के सरपंच ने सरकार से मांग की है किजल्द पीड़ित परिवार के नुकसान का आकलन किया जाए और सहायता की जाए। संवाद