जम्मू रेलवे स्टेशन पर चल रहा नए ट्रैक का निर्माण कार्य। संवाद
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जम्मू। जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का प्रगति पर है। यहां नए रेलवे स्टेशन बिल्डिंग के साथ-साथ चार नए प्लेटफार्म तैयार किए जा रहे हैं। इन प्लेटफार्म के ट्रैक अपने में अनूठे होंगे, क्योंकि यह बैलास्टलेस तकनीक से तैयार किए जा रहे हैं। इससे 30 किमी की रफ्तार से ट्रेन प्लेटफार्म पर आ सकेगी।
रेलवे को बेहतर बनाने के लिए रेलवे मंत्रालय तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। इसमें नई तकनीक का उपयोग हो रहा है। बैलास्टलेस तकनीक से ट्रैक तैयार करना इसी का हिस्सा है। इस तकनीक के उपयोग से ट्रैक काफी मजबूत होता है। साथ ही ट्रैक का बार-बार मरम्मत का झंझट नहीं रहता है। बैलास्टलेस ट्रैक मेट्रो में उपयोग होता था, लेकिन रेलवे भी ऐसे ट्रैक का उपयोग कर रहा है।
जम्मू रेलवे स्टेशन पर इसी तकनीक का ट्रैक। जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के तहत नरवाल की तरफ से 4500 वर्ग मीटर में नया प्रवेशद्वार तैयार हो रहा है। इसमें बन रही नई स्टेशन बिल्डिंग आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसका सिविल काम पूरा हो चुका है। अब लाइटिंग सहित अन्य जरूरी मशीनरी का काम चल रहा है।
जम्मू रेलवे स्टेशन का हो रहा आधुनिकीकरण
यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा, बेहतर कनेक्टिविटी और संचालन में सुधार के लिए जम्मू तवी यार्ड के आधुनिकीकरण का काम चल रहा है। यह छह मार्च तक पूरा होगा। यार्ड का पुनर्विकास लगभग पूरा हो चुका है और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इस अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 450 करोड़ रुपये है। दो नए 12 मीटर चौड़े फुटओवरब्रिज का निर्माण होगा। इससे यात्रियों को आसानी से प्लेटफार्मों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। सभी सात प्लेटफार्म को जोड़ने के लिए 72 मीटर चौड़ी एयर कॉन्कोर्स का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्लेटफार्मों के बीच सुगम आवाजाही होगी।