कश्मीर में रेल सेवा पहले से ही नुकसान पर चल रही है। कश्मीर में रेलवे को करीब दस करोड़ वार्षिक राजस्व मिलता है। जबकि ट्रेन चलाने व रखरखाव में रेलवे करीब एक वर्ष में 80 करोड़ रुपये खर्च करता है।
हर वर्ष रेलवे को 70 करोड़ का नुकसान उठाकर रेल सेवा को चलाना पड़ रहा है। वहीं अब हिंसा के चलते रेलवे को किराए से मिलने वाला राजस्व भी बंद हो गया है।
घाटी में हालात बिगड़ने के बाद लगातार 45वें दिन भी रेल सेवा पूरी तरह से ठप रही। इससे रेलवे के राजस्व को करीब चार करोड़ का नुकसान पहुंचने का अनुमान है। 137 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक 45 दिनों से सूना पड़ा है। वहीं सूत्रों के अनुसार किसी राज्य में पहली बार रेलवे ने इतनी देर तक रेल सेवा को बंद रखा है।