पासपोर्ट का गलत इस्तेमाल करने और टेरर फंडिंग मामले में पुलिसकर्मी मोहम्मद रमजान के शामिल होने के शक में बुधवार को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने जम्मू और कुलगाम में छापा मारा। धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार रमजान की कोर्ट ने मंगलवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। बता दें कि मोहम्मद रमजान के पास से दो पैन कार्ड, 16 बैंक खाते, इन खातों से 6 करोड़ रुपये का लेन देन और 10 विदेशी नंबरों के संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई थी।
राज्य जांच एजेंसी ने बुधवार को शहर के बठिंडी के रहने वाले अबू बकर नाम के व्यक्ति के घर पर छापा मारा। अबू बकर मूल रूप से डोडा के भलेसा का रहने वाला है। जो इस समय दुबई में है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि कश्मीर में ठगी मामले में गिरफ्तार पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद रमजान के साथ अबू बकर का कनेक्शन है।
ऐसी आशंका है कि दोनों गलत पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अलग-अलग देशों में घूमते हैं। देश के कई अन्य राज्यों में जाते हैं। खुद को राजनीतिक दलों और राजनेताओं के करीबी होने का दावा करते हैं और इसके नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करते हैं।
इस पैसे का टेरर फंडिंग में इस्तेमाल होने का शक है। इसी के चलते राज्य जांच एजेंसी ने बुधवार को पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद रमजान के कुलगाम स्थित घर और अबू बकर के बठिंडी स्थित घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि छापों के दौरान एजेंसी ने कई तरह के दस्तावेजों को बरामद किया है।
एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह देखने का प्रयास किया जा रहा है कि रमजान टेरर फंडिंग में शामिल है या नहीं। क्योंकि उसके बहुत से खाते विदेशी नंबरों के साथ जुड़े हुए हैं।
इनमें करोड़ों रुपये का लेन देन है। जांच में यह भी पता चला है कि रमजान मुंबई, उत्तर प्रदेश, गोवा समेत देश के कई राज्यों में घूम चुका है। इसके लिए उसने फर्जी पैनकार्ड और पासपोर्ट का इस्तेमाल किया है।
घर को बाहर से बंद कर चलती रही जांच
बुधवार सुबह ही एजेंसी की टीम ने बठिंडी में छापा मारा। इसके बाद न घर में किसी को जाने दिया और न ही बाहर आने दिया गया। छापे के दौरान अबू बकर का परिवार मौजूद था। जबकि अबू बकर इस समय दुबई में है। बठिंडी और कुलगाम दोनों ही जगह सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
रमजान कई मोबाइल एप्लीकेशन व वीपीएन का करता था इस्तेमाल
पुलिस की जांच में पता चला कि गिरफ्तार मोहम्मद रमजान कई मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता था। बातचीत के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का प्रयोग करता था। उसके बैंक खाते और अन्य परिचितों के रिकॉर्ड भी खंगाले जाने की सूचना है।