राहुल एक शख्स के सहारे मंच पर कदम बढ़ा रहा था। पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। राज्यपाल एनएन वोहरा भी इस छात्र को डिग्री प्रदान करने के लिए गदगद नजर आए।
कारण, नेत्रहीन होने के बावजूद उसने सामान्य विद्यार्थियों के बीच गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। म्यूजिक में डिग्री हासिल करने वाले नेत्रहीन राहुल कुमार ने इस गौरवपूर्ण क्षणों को मन की आंखों से महसूस किया।
बकौल राहुल, ‘मेरे जीवन में यह गौरवपूर्ण समय है। नेत्र के बिना भी इन खुशी के लम्हों को महसूस किया है। कभी सोचा नहीं था कि यह उपलब्धि हासिल कर सकूंगा।’
हालांकि राहुल के लिए यह पहला मौका नहीं था। इससे पहले सितंबर माह में आयोजित दीक्षांत समारोह में उसने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों एमए में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था।
राहुल के अनुसार उसका लक्ष्य संगीत में पीएचडी करना है, लेकिन जम्मू यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की सुविधा नहीं है। इसके लिए दिल्ली या अन्य बड़ी यूनिवर्सिटी में जाना होगा। जो संभव नहीं है, क्योंकि बिना असिस्टेंट के मैं अकेला वहां नहीं रह सकता।
हालांकि वह संगीत में ही भविष्य बनाना चाहता है। यही कारण है कि राहुल इस समय नेट की तैयारी में जुटा है। आरएस पुरा में पैदा होने के बाद राहुल ने रूप नगर स्थित ब्लाइंड स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। उसके बाद जम्मू यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा प्राप्त की।