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डीएसपी देविंदर को जिस मुठभेड़ के लिए मिला था अवॉर्ड... उसी पर उठे सवाल, एनआईए करेगी जांच

Wed, 15 Jan 2020 05:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा गुंजन कुमार, नई दिल्ली
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dsp davinder singh - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह की पूछताछ में कई साजिशों का खुलासा हो रहा है। जिस आतंकी मुठभेड़ के लिए उसे राज्य सरकार की ओर से एकमात्र बहादुरी पुरस्कार मिला था, वही अब जांच के घेरे में आ गया है। अब तक की पड़ताल के बाद संदेह है कि मुठभेड़ में देविंदर ने आतंकियों के भागने में भी मदद की थी। इसकी जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। 

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 सूत्रों के मुताबिक, 25-26 अगस्त, 2017 को पुलवामा में पुलिस लाइन पर जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के चार जवान शहीद हुए थे, जबकि दो आतंकी भी मारे गए थे। उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया, इस मुठभेड़ के बाद देविंदर सिंह को 2018 के गणतंत्र दिवस पर राज्य सरकार की तरफ से वीरता पदक मिला था। 

हालांकि जांच एजेंसियों को संदेह है कि देविंदर ने बाकी आतंकियों को भागने का रास्ता भी साफ किया। इस हमले में कितने आतंकी शामिल थे, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। हमेशा से यह शक था कि मारे गए दो आतंकियों के अलावा कम से कम छह और आतंकी थे जिनका पता नहीं चला। पूछताछ में देविंदर ने कुछ ऐसी जानकारी दी है, जिससे यह शक पुख्ता हो रहा है। देविंदर से जम्मू-कश्मीर के अलावा आईबी, रॉ और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) सघन पूछताछ कर रही हैं। 
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अफजल गुरु ने भी लिया था नाम 
सूत्रों ने बताया कि संसद हमले में दोषी अफजल गुरु ने देविंदर के बारे में जो खुलासा किया था उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अफजल ने अपने वकील से कहा था कि देविंदर सिंह ने उसे संसद हमले में मारे गए आतंकी को कश्मीर से दिल्ली ले जाने को कहा था। उसी के कहने पर अफजल ने आतंकी को दिल्ली में रहने का ठिकाना दिया और गाड़ी का इंतजाम किया था। 

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