विधानसभा सत्र में विपक्ष के साथ-साथ अपने सदस्यों के विरोध से सरकार को किरकिरी झेलनी पड़ रही है। बोलने के लिए समय न मिलने पर पिछले दिनों भाजपा विधायक सुखनंदन चौधरी ने वाकआउट कर सरकार को असहज कर दिया था।
मंगलवार को गुलमर्ग केबल कार प्रोजेक्ट पर पीडीपी विधायकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट पीडीपी के दो विधायक सदन से वाकआउट कर गए। पीडीपी विधायक मोहम्मद अब्बास वानी ने सरकार से पूछा कि गुलमर्ग टूरिस्ट रिजार्ट पर केबल कार प्रोजेक्ट चलने से पौनीवालों का रोजगार प्रभावित हुआ, इसकी भरपाई के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।
पर्यटन विकास राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने जवाब देते हुए कहा गुलमर्ग केबल कार प्रोजेक्ट से स्थानीय पौनी वालों, हेल्परों और टूरिस्ट गाइडों के रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ा है। मंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट से उल्टा कोंगदोरी और अफरवत में पर्यटकों का प्रवाह बढ़ा है। मंत्री ने कहा कि स्लेज वर्कर, टूरिस्ट गाइड, स्की गाइड पहले से ज्यादा कारोबार कर रहे हैं।
केबल कार प्रोजेक्ट शुरू होने पर गुलमर्ग में 935 पौनी वाले थे, जिनकी संख्या बढ़कर 1755 हो गई है। इस जवाब पर विधायक वानी ने गहरा असंतोष जताया। वहीं इसी से संबंधित सवाल में पीडीपी विधायक जावेद हसन बेग ने कहा गुलमर्ग टूरिस्ट रिजार्ट से उनके बारामुला निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्से को भी प्रभावित कर रहा है, लेकिन स्पीकर द्वारा बोलने की अनुमति न दिए जाने पर मोहम्मद अब्बास वानी और जावेद हसन बेग विरोध जताते हुए सदन से वाकआउट कर गए।